: विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों ने पेश की दावेदारी,क्षत्रिय राठौड समाज की आयुषी राठौड ने पेश की दावेदारी,प्रदेश मे समाज के लाखो मतदाता,लेकिन हर बार नही मिल पाता अपेक्षित प्रतिनिधीत्व
Admin
Thu, May 4, 2023
इस बार किसी दल से नही मिली दावेदारी तो निर्दलीय मैदान मे उतरेगे समाज के युवा

धार/झाबुआ । विधानसभा चुनावो मे भले ही अभी 6 माह का समय बचा हुआ है लेकीन चुनावी हलचल दिन प्रतिदिन बढती जा रही है। कांग्रेस-भाजपा से जहा टिकट प्राप्ती के लिये युवा से लेकर अनुभवी राजनेता जोर आजमाईश कर रहे है। वही आम आदमी पार्टि सहित निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उम्मीदवारी को लेकर दावेदार सक्रियता के साथ मैदानी जमावट करने मे जुटे हुये है। सेाशल मिडीया पर भी दावेदार सक्रियता के साथ अपनी बात रख रहे है।
चुनावो मे हर राजनैतिक दल जातीगत एंव सामाजीक गठजोड भी साधने का पुरा प्रयास करता है। प्रदेश मे जाति एंव समाज के आधार पर भी कई प्रत्याशी तय होते है। ऐसे मे क्षत्रिय राठौड समाज से भी इस बार दावेदारी को लेकर युवा चेहरे अपनी सक्रियता दिखा रहे है। पुरे प्रदेश मे क्षत्रिय राठौड समाज की तादात लाखो मे है लेकिन उस अनुपात मे समाज को प्रतिनिधीत्व नही मिल पा रहा है।
विधानसभा चुनाव में सीटों को लेकर क्षत्रिय राठौड़ समाज की झाबुआ जिले के पेटलावद की निवासी पत्रकार आयुषी कुशल राठौर ने राजनैतिक पार्टियों की सरगरमी तेजी से बढ़ा दी हैं। पेटलावद की युवा पत्रकार आयुषी कुशल राठौर ने फेसबुक के माध्यम से अपने मन की बात बताते हुए लिखा है, कि मध्यप्रदेश में क्षत्रिय राठौड़ समाज के करीब 85 लाख लोग निवासरत है, फिर भी किसी राजनैतिक दल द्वारा राठौड़ समाज को विधानसभा प्रत्याशी के रूप में टिकट नही दिया जाता हैं। राजनीतिक पार्टियों द्वारा समाज के भोलेपन का फायदा उठाया जा रहा है, परंतु अब समाज के युवा ऐसा नही होने देंगे और इस विधानसभा में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दिखाई देंगे।
आयुषी ने अपनी बात बताते हुए कहा कि विधानसभा प्रत्याशी के रूप में राजनीतिक पार्टियों द्वारा सभी समाज को लेकर चलना चाहिए और राठौड़ समाज को भी टिकट देना चाहिए, ताकि हर समाज का अपना एक प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति विधानसभा में बैठा हुआ हो। अगर राजनीतिक पार्टियां सभी समाज वर्ग को टिकट नहीं देगी तो समाज के युवा निर्दलीय रूप से खड़े होकर समीकरण बिगाड़ सकते हैं या आम आदमी पार्टी का साथ ले सकते हैं आयुषी राठौड़ ने यह भी बताया कि यदि कोई समाज में प्रत्याशी नहीं मिलता है तो वो स्वयं समाज की उपस्थिति दर्ज करवा कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किसी भी अनारक्षित / पिछड़ा वर्ग की सीट पर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी।
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