ब्रेकिंग

नगर केमिस्ट एसोसिएशन का हुआ गठन, जाट अध्यक्ष,मारू बने सचिव

सरदारपुर में जनगणना अन्तर्गत मकान सूचीकरण का कार्य हुआ प्रारंभ, प्रगणकों के द्वारा तैयार किया जा रहा है मैप

तहसील विधिक सेवा समिति द्वारा श्रम दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का किया आयोजन

पिकअप हादसे मे मृत ग्रामीणो के परिजनो को विधायक ग्रेवाल देंगे 25-25 हजार की सहायता

भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

सूचना

: बदनावर मे चार जुडवा भाई -बहनो की जोडी,पहली नजर मे देखकर हर कोई खा जाता है चकमा

विश्वाससिंह पंवार
बदनावर। बचपन में जब किसी फिल्म में किसी हीरो का डबल रोल देखते थे, तब बड़ी हैरानी होती थी। इधर एक को चोट लगती, उधर दूसरे को दर्द होता था। एक शरारत करता, तो दूसरा मार खाता था। तब सोचते थे कि भला ऐसा कैसे होता है।
कई बार हमे मिलते-जुलते चेहरे दिख भी जाते हैं किंतु वैसे नहीं जैसे हम बात कर रहे है बदनावर के भाई-बहनों कि जोड़ियों की। हम जिन जुड़वांओ की कहानी आपके लिए लाएं है उनकी शक्ल ही नहीं, बल्कि पहचान भी मिलती है। वो भी इस हद तक कि हर कोई चकमा खा जाए।

दीपाली-दीपांजलि सोलंकी
(उम्र-साढ़े पांच साल)

नगर के निचलावास मोहल्ले की साढ़े पांच साल की इन जुड़वां बहनों की कहानी भी रोचक है। इन्हें एक जैसा खाना, कपड़े व साथ रहना पसंद हैं। शर्मीले स्वभाव की यह जुड़वां बहनों के जन्म में 5 मिनट का अंतर है। इनके पिता का नाम दिलीप सिंह सोलंकी (बापू) व माता का नाम उदय कुंवर हैं। इनका जन्म बदनावर के प्राइवेट अस्पताल में 5 अक्टूबर 2017 को हुआ था। अभी यह एलकेजी में पढ़ाई कर रही हैं।

निशांत-प्रशांतसिंह भाटी
(उम्र- 27 साल)

नयापुरा मोहल्ले के 27 साल के इन जुड़वा भाइयों की भी रोचक कहानियां हैं। चंचल स्वभाव के इन भाइयों में कई समानता हैं। इनके पास रात दिन रहने वाले भी कभी-कभी कंफ्यूज हो जाते हैं व इसकी बात उससे तो उसकी बात इससे कर देते हैं। दोनों का जन्म बदनावर के सरकारी अस्पताल में 20 दिसंबर 1995 को हुआ था। इनके का नाम पिता स्व. श्री राकेश सिंह भाटी व माता का नाम दुर्गा बाई है। निशांत राजनीति व समाजसेवा से जुड़कर हालफिलहाल में भाजपा युवा मोर्चा में नगर मंडल अध्यक्ष है व छोटा भाई प्रशांत फोटो ग्राफी करता है।

राम-श्याम श्रीवास्तव
(उम्र-50 साल)

नगर के चैपाटी पर रहने वाले यह जुड़वां भाई पेशे से प्रायवेट स्कूल में शिक्षक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह दोनों जुड़वां भाई वर्षो से योगदान कर रहे है। राम व श्याम श्रीवास्तव का जन्म धार जिले के बाग गांव में 9 अप्रैल 1973 को हुआ था व मुल निवासी बडवानी जिले के घट्वा गांव के हैं। पिता का नाम श्री लालताप्रसाद श्रीवास्तव व माता श्रीमति प्रेमलता बाई हैं। इन दोनों जुड़वां भाइयों के जन्म में 5 मिनट का अंतर हैं। आज 50 वर्षीय इन दोनों भाइयों में कई समानताएं हैं। एका एक इन्हें पहचान पाना भी मुश्किल ही है। एक को अगर स्वास्थ्य में कोई तकलीफ होती है तो दूसरे को भी कुछ ही घंटों में तुरंत हो जाती है। दोनों भाईयों के खान पान, रहन सहन एक जैसा ही है।

इसरार-इकरार कुरेशी
(उम्र-54 साल)

इनके जीवन में रोचक घटनाए फिल्मी अंदाज में होती रहती हैं। दोस्तों व अन्य लोगों को छोटे भाई से काम तो बड़े भाई से मिल लेते हैं व बड़े से काम हो तो छोटे से। बाद खिसियाते हुए ठहाके लगाकर चल पड़ते हैं।
बड़ा भाई इसरार कुरेशी पेशे से शासकीय शिक्षक तो छोटा भाई इकरार तहसील कार्यालय के पास प्रायवेट दस्तावेज लेखन का कार्य करते है। छोटे भाई के पास लिख पढ़ का काम होने से कई लोग रोजाना टकराते है उनमें कई पटवारी भी होते हैं। छोटे भाई से जुड़ा काम हो तो लोग बड़े भाई को कहते हैं व बड़े भाई के काम को लेकर छोटे भाई के पास चले जाते हैं। जब लोगों को कुछ बात करने के बाद ही माजरा समझ में आता है तब हंसकर चले जाते हैं।
दोनों भाइयों का जन्म बदनावर के सरकारी अस्पताल में 3 मार्च 1969 को हुआ था। दोनो के जन्म में अंतर 10 मिनीट का है। इनके पिताजी का नाम स्व अहमदनुर कुरेशी (शिक्षक) व माताजी शमीम बी है। 54 वर्षीय इन जुड़वा भाइयों में कई समानताएं हैं। अगर एक का सिरदर्द हो तो दूसरे का भी कुछ देर में दर्द होना शुरू हो जाता हैं। भोजन शुद्ध शाहकारी पसंद करते हैं। दोनो को ब्लड प्रेशर की शिकायत भी एक साथ ही हुई हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें