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सिविल अस्पताल में सर्पदश से पीड़ित को लगाए 30 इंजेक्शन ओर बचा ली जान : सर्पदंश के मरीज के लिय सेवाभावी चिकित्सक डाॅ दीपक सोलंकी बने फरिश्ते लगातार 7 घंटे उपचार कर बचाई जान

Bakhtavar Express

Sat, Jun 6, 2026

सरदारपुर । डाक्टरो को भगवान का दूसरा रूप यु ही नही कहा जाता है। इस सेवा रूपी कार्य मे कुछ डॉक्टर ऐसे होते है जो मरीज की जान बचाने के लिये अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते है। सिविल अस्पताल सरदारपुर मे पिछले दिनो सर्पदंश से पिडीत एक व्यक्ति के लिये अस्पताल मे पदस्थ एमबीबीएस डॉ. दीपक सोलंकी किसी फरिश्ते से कम नही थे। सर्पदंश से पीड़ित मरीज को परिजन जब अस्पताल मे लाये तो उस पर जहर का असर पुरी तरह हावी हो चुका था तथा मरीज बेहोशी मे पहुॅच चुका था। उपचार के दौरान डॉ दीपक सोलंकी ने परिजनो को धार या इंदौर रैफर करने के लिये सलाह दी तो मरीज के परिजनों ने डाॅ सोलंकी से सिर्फ इतना कहा की हमे आप पर पुर्ण विश्वास है आप उपचार कीजिए हमने सिविल अस्पताल मे उपचार की काफी तारीफ सुनी है।

यह था मामलाः- तहसील क्षैत्र के गांव फुलकीपाडा के 30 वर्षीय युवक दिनेश जामनिया को 1 जुन की रात्रि मे लगभग दो बजे सर्प ने कांट लिया तभी परिजनो उसे झांड फुंक के लिये इधर उधर ले गये लेकिन कुछ घंटो के बाद वह बेहोशी की हालत मे पहुॅचने लगा। तभी परिजन उसे उसके ससुराल बडवेली लेकर आए जहा से उसे उपचार के लिये सिविल अस्पताल सरदारपुर लाया गया। सुबह करीब 8 बजकर 30 मिनट पर मरीज जब अस्पताल पहुंचा तो वह बेहोश हो चुका था तथा उस पर जहर का असर पुरी तरह हो चुका था। ड्यूटी पर उपस्थित डॉक्टर दीपक सोंलकी ने मरीज के परिजनों को प्राथमिक उपचार के बाद धार या इंदौर जाने की सलाह दी लेकिन मरीज के परिजनो ने अस्पताल के डॉक्टरों पर विश्वास जताते हुए यही उनसे उपचार करने का अनुरोध किया।

जिसके बाद टीम वर्क के साथ डाॅ दीपक सोलंकी और डॉ जितेन्द्र कन्नौजे ने अस्पताल मे पदस्थ मेडिसिन विशेषज्ञ के परामर्श से मरीज का उपचार आरंभ किया। करीब 7 घंटे तक सत्त मरीज का उपचार कर उसे 30 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन निःशुल्क लगाए जिनकी बाजार मे कीमत 25 हजार के लगभग हैै। बेहतर उपचार मिलने के बाद मरीज होश मे आ गया और उस पर से जहर का असर खत्म हो गया। इस तरह सिविल अस्पताल के डॉक्टर इस मरीज के लिए फरिश्ते बनकर आये जिन्होने सीमित संसाधनों के बाद भी मरीज की जान बचाने के लिये जी जान लगा दी। बेहतर उपचार मिलने के बाद मरीज के परिजन भी संतुष्ट नजर आए।

डाॅ दीपक सोलंकी ने बताया की इस तरह के केसो मे मरीज को ऑक्सीजन की भी जरूरत पडती है लेकिन जिस प्रकार मेडिसिन विशेषज्ञ के मार्गदर्शन मे उपचार किया उससे मरीज को ऑक्सीजन की भी जरूरत नही लगी। डाॅ सोलंकी ने बताया की हमारा पुरा प्रयास रहता है की मरीज को सिविल अस्पताल मे बेहतर उपचार मिले इस तरह के केस से सिविल अस्पताल के प्रति आमजन का विश्वास बढता है।

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