: जल संसाधन विभाग की लापरवाही की भेंट चढ मौलाना तालाब, तालाब फूटने से 70 किसानों की करीब 100 बीघा की फसल पानी मे बही,116 हैक्टर मे होती है तालाब से सिंचाई,जवाबदार मुख्यालय पर नही रहते,भृत्यो के भरोसे ही रहता है आफीस
Admin
Sat, Sep 28, 2024

सरदारपुर। जल संसाधन विभाग की पिछले एक वर्ष मे लापरवाही किसी से छिपी नही है । पिछले वर्ष चुनार बांध की क्षतिग्रस्त पाल से जल रिसाव को भले ही समय पर रोक कर तालाब को सुरक्षित कर लिया गया था। लेकिन मौलाना मे बने तालाब पर विभागीय जवाबदारो की लापरवाही भारी पड गई। शनिवार को सुबह तालाब फूट गया तालाब फुटने से 70 से 80 किसानो की सोयाबीन की फसल पानी मे बहकर बर्बाद हो गई। यही नही इस तालाब से 116 हेक्टर यानी लगभग 580 बीघा मे किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलता था। तालाब फुटने से पानी बहने के कारण अब सिंचाई रकबा भी प्रभावित होगा। किसानो के लिये यह दोहरा वज्रपात है एक तो खरीफ की फसल बर्बाद हुई है तो दुसरी और रबी की फसल के लिये भी पानी नही मिल पायेगा।
तालाब फुटना ,पाल की मरम्मत और जांच बिठाकर भले ही उच्च अधिकारी अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ले लेकिन पिछले एक वर्ष से जल संसाधन विभाग में चल रही लापरवाही पर क्या अंकुश लग पायेगा यह सबसे बड़ा प्रश्न है।
ग्राम मौलाना के उपसरपंच लोकेंद्र सिंह राठौर बताते है की तालाब का फुटना सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही का नतीजा है। श्री राठौर ने बताया की एक वर्ष पहले ही उन्होंने जल संसाधन विभाग के प्रभारी एसडीओ राहुल ठाकुर को दूरभाष पर पाल के क्षतिग्रस्त होने एंव पानी रिसाव से अवगत करवा दिया था लेकिन विभाग ने केवल टीम भेजकर खाना पुर्ति कर ली। यही नहीं 20 दिन पहले भी श्री राठौर ने एसडीओ ठाकुर को दुरभाष पर समस्या से अवगत करवाया था लेकिन कोई ध्यान नही दिया जिसका परिणाम यह हुआ की 40 वर्ष पुर्व मे बना यह तालाब फुट गया। आपने बताया की तालाब की पाल मे एक बिल बन चुका था जिससे पानी का बहाव हो रहा था। हमने विभाग को बता दिया था लेकिन जवाबदारी ने इसे हल्के मे लिया। यही नही तालाब की पाल पर कटीली झाड़ियों को भी साफ नही कराया गया।
श्री राठौर ने कहा की जांच होगी और कह दिया जायेगी की तेज बारिश होने से तालाब को नुकसान हुआ। आपने कहा की दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी एंव किसानो को बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाये।
वही मौलाना के सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खराडी ने बताया की 6 माह पुर्व ग्राम पंचायत के उपसरपंच लोकेंद्र सिंह जी राठौर ने दुरभाष पर विभागीय अधिकारियों को सुचना दी थी। लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। श्री खराडी ने कहा की ग्राम पंचायत ने मौका पंचनामा बनाकर विभाग को भेजा है। जल्द से जल्द तालाब की मरम्मत कर किसानो को मुआवजा देने की मांग की है नही तो आंदोलन किया जायेगा।
लापरवाही का यह है आलमः- जल संसाधन विभाग की लापरवाही की बात करे तो पिछले एक वर्ष से सरदारपुर का आफीस भृत्यो के भरोसे ही है। विभाग के पास सरदारपुर तहसील के 62 तालाब है लेकिन यदि इनके निरीक्षण की बात करे तो केवल कागजो पर ही निरीक्षण किया जाकर वहा पर तैनात चौकीदार की रिर्पोट पर निरीक्षण हो जाता है। पिछले एक वर्ष से जल संसाधन विभाग बदनावर के एसडीओ राहुल ठाकुर सरदारपुर का प्रभार देख रहे है। यही नही यहा पर पदस्थ उपयंत्री भी मुख्यालय पदस्थ नही रहते है। सुत्रो की माने तो जल संसाधन विभाग के परिसर मे ही एसडीओ उपयंत्री सहित 30 आवास है लेकिन अधिकांश आवास खाली है। कुछ अधिकारी एंव कर्मचारियों ने नियम के विपरीत धार मुख्यालय पर अपने लिये आवास अलाट करा लिये है। यदि ये जवाबदार लोग मुख्यालय पर ही पदस्थ रहकर मैदानी निरीक्षण समय -समय पर करते रहते तो मौलाना का तालाब नही फुटता।
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