श्रीमद् भागवत कथा : सत्य से बड़ा कोई दूसरा धर्म नहीं है- शास्त्री
Bakhtavar Express
Sat, Jul 26, 2025
चिराखान।प्रसिद्ध तीर्थ स्थल माँ जयंती दिव्य धाम की तपोवन भुमि जयंती धाम सेवा समिति के तत्वावधान मे चल रही सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दुसरे दिन कथावाचक पं.देवकीनंदन शास्त्री कानवन (बीड)ने कहा श्रीमद् भागवत तो दिव्य कल्पतरु है यह अर्थ, धर्म, काम के साथ साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त कराता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल पुस्तक नही साक्षात श्रीकृष्ण स्वरुप है। इसके एक एक अक्षर में श्रीकृष्ण समाये हुये है। उन्होंने कहा कि कथा सुनना समस्त दान, व्रत, तीर्थ, पुण्यादि कर्मो से बढ़कर है। कथा सुनकर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा के मध्य में मेरी लगी श्याम संग प्रीत और मां की ममता के महत्व का भजन सुनकर भक्त आत्मसात हो गये।उन्होने आगे हा की सागर को एक गागर मे भरकर जो पिला दे वही श्रेष्ट वक्ता है।जीवन मे जीतनी बार कथा सुनने को मिले उतनी बार सुनना चाहिए। बार बार कथा सुनने से हर बार नया आनंद आता है एवं जिवन धन्य हो जाता है। पं.शास्त्री ने भगवान शिव ने पार्वती को सुनाई अमर कथा का वृतांत सुनाया।

भगवान के 24 अवतारों के बारे मे बताया। उन्होंने कहा कि भगवान का जब शुभ कार्य करते हैं तब उसमें विघ्न जरूर आता है यदि कोई धर्म का कार्य करते हैं तो कोई रोक दें वो विघ्न होता है और यह केवल मनुष्य ही नहीं देवता भी धर्म का कार्य करते हैं तो दैत्य विघ्न पैदा करते हैं इन विघ्नों को दूर करने के लिए मंगलाचरण किया जाता है धर्म का कभी अंत नहीं होता है वेद पुराण और कुरान भी कहते हैं कि सत्य से बड़ा कोई दूसरा धर्म नहीं है। उक्त विचार कथावाचक पं. देवकीनंदन शास्त्री कानवन द्वारा कहे गए ।कथा के दौरान राजस्थानी तेजल म्यूजिकल ग्रुप बालोद के कलाकारों द्वारा सेवा दी जा रही है जिसमे आर्गन वादक मनोज राणा बिजुर, तबला वादक यशवंत राणा बिजुर एवं तेजल धौलिया जाट बालोद द्वारा पेड वादन किया जा रहा है। सांई साउंड लाबरिया द्वारा साउंड सेवा दी जा रही है। श्री मद्भागवत महापुराण में आरती व महा प्रसादी वितरीत कि गई।समिति अध्यक्ष अनिल पाटीदार उपाध्यक्ष महेश जाट ,मुन्नालाल पाटीदार, मोतीलाल पाटीदार,रमेशचन्द्र जायसवाल दसाई ,शिवनारायण जायसवाल,गौरिशंकर जायसवाल,परमान्द पाटीदार,हरिनारायण जायसवाल,रमेश चौहान चिराखान ,घनश्याम नायक ,बद्रीलाल ,रामकिशन , ओकार जागीरदार, सहित चिराखान ,पदमपुरा, बालोद, व दसाई के बड़ी संख्या में श्रदालु उपस्थित थे। कथा प्रतिदिन 10:30 से चार बजे तक सुनाई जा रही है। 31 जुलाई को कथा का समापन होगा।
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