: नशाखोरी..अब ओर चिंताजनक..जंजाल में फंस रही युवा पीढ़ी
Admin
Tue, May 2, 2023
विश्वाससिंह पंवार
बदनावर । नगरीय क्षेत्र एवं आस-पास के गांवों में अलग-अलग तरह का नशा करने वाले नशेड़ियों की तादाद चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। युवा वर्ग के ऐसे नशेड़ियों को देख आज हर कोई चिंता जता रहा है। पर किसी के पास इसकी रोकथाम का उपाय नहीं है और फिक्रमंद लोग केवल पुलिस को कोसते हुए अपनी बात कह कर रुक जाते हैं। इस ओर जन प्रतिनिधियो के साथ ही सामाजिक संस्थाओं द्वारा कोई भागीरथी प्रयास अब तक शुरू नहीं हुए हैं जो कि समाज के लिए शर्म की बात है।
पिछले कुछ समय से नशेड़ियों के बारे में बारीकी से अध्ययन करने व निगाह रखने पर यह बात उभर कर सामने आई है कि हर वर्ग के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। फिर भी मध्यम व गरीब वर्ग के युवकों की संख्या अन्य वर्ग के लोगों की तुलना में काफी अधिक है। कोई युवक अपने संगी साथियों के इस लत में पड़ने के बाद वह भी चपेट में आ जाता है तो कोई ऐसे लोगों की सोहबत करने के बाद इस दलदल में धंसता चला जाता है।
जबकि गरीब वर्ग के मजदूरपेशा युवक जब अनैतिक तरीके से जरूरत से कुछ अधिक कमाने लगते हैं और गलत रास्तों से अनाप-शनाप पैसा जेब में आने लगता है तो वे शराब के साथ साथ नशे के अन्य साधनों का भी उपयोग करने लगते हैं और तब धीरे-धीरे ऐसी स्थिति बनती है कि वे चाहते हुए भी इस दलदल से निकल नहीं पाते हैं और इसकी गिरफ्त में आने के बाद जब नशा करना रोज की आदत बन जाती है तो वे शरीर व मन से भी खत्म होने लगते हैं तथा परिवार व समाज से अपने आप कट जाते हैं। नशे के दौरान अपराध किए जाने से जब एक बार पकड़े जाने पर जेल की हवा खा लेते हैं तो उन्हें फिर दोबारा कटघरे में जाना आसान लगता है और वे किसी के रोकने से रुकते नहीं हैं। गरीब व मध्यम वर्ग के ऐसे युवकों की शारीरिक व मानसिक स्थिति आज सबसे अधिक डांवाडोल हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन