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: जिस प्रकार का ध्यान नोट की गिनती करने में लगा रहता है उसी प्रकार यदि भगवान की पूजन अर्चन में लगा ले तो भगवान प्रार्थना अवश्य स्वीकार करता है -पौराणिक

Admin

Sun, Jul 30, 2023

बरमंडल - जिस प्रकार लोगो का ध्यान नोट की गिनती करने में लगा रहता है उसी प्रकार यदि भगवान की पूजन अर्चन भजन मंत्र जाप में ध्यान लगा ले तो भगवान उसकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार करता है। जिस आसन पर बैठ कर पूजा पाठ आदि किया जाता है  उस आसान का किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। एक ही आसन पर बैठकर सभी को भगवान की पूजा पाठ नही करना चाहिए उसका फल मिलता है उक्त उद्गार पंडित प्रेमनारायण पौराणिक (धुलेट) ने श्री नृसिंह मंदिर बरमंडल में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के दौरान व्यक्त किए।

कथा में मौजूद श्रद्धालुओं को कथावाचक प्रेमनारायण पौराणिक ने भगवान के पूजन के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि अभी श्रावण माह चल रहा है शिवालयों में शिव आराधकों की भीड़ लगी हुई है। एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल किंतु उसमे भी छल नही होना चाहिए। भगवान शिव पर बिल्व पत्र चढ़ाने के विधान के बारे में बताते हुए कहा कि बिल्वपत्र की जो लंबी डंडी होती है उसमें एक वज्र होता है वह तोड़ कर ही भगवान शिव को चढ़ाना चाहिए। वज्र नहीं तोड़ने पर चढ़ाया गया बिल्वपत्र शिव पर वज्र करने के समान है।

पंडित पौराणिक ने पूजा के पात्र के बारे में बताते हुए कहा कि जिस थाली में हम भोजन करते है या जिस थाली से किसी व्यक्ति को तिलक लगाया जाए उस थाली (पात्र) में पुजन पाठ की सामग्री रखने से भगवान उस व्यक्ति की पूजा स्वीकार नहीं करते है। पूजा पाठ के लिए अलग से पात्र होना चाहिए और पूजा ऐसी करनी चाहिए कि भगवान का श्रृंगार निखर जाए।

श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के पांचवे दिन रविवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। कथा के लाभार्थी यजमान महेश माहेश्वरी परिवार के निवास से नन्हे बालक को कृष्ण रूप में सजाकर ढोल ढमाको के साथ शोभायात्रा के रूप में कथा स्थल लाया गया। जगह जगह नृत्य कर महिलाएं बालगोपाल की आगवानी कर रही थी। कथा स्थल पर पहुंचने पर पूरा पांडाल नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की के जयकारों से गूंज उठा। मटकियां फोड़ी गई। माखन मिश्री की प्रसाद बांटी गई। कथावाचक पंडित प्रेमनारायण पौराणिक (धूलेट) के मुखारविंद से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागवत कथा श्रवण कर धर्मलाभ ले रहे है। सात दिवसीय कथा के मुख्य यजमान लाभार्थी महेश माहेश्वरी परिवार है।

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