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: दुश्मन हमे बम की धमकी से डरा रहा हे तुम्हारे पास बम है तो हमारे पास बम-बम है जो हमारी रक्षा कर रहा है- संत श्री नागर जी,बरमखेडी मे श्रीराम मंदिर की वर्षगांठ पर हुआ एक दिवसीय सत्संग,हजारो की संख्या मे उमडा श्रद्धालुओ का सैलाब

Admin

Wed, May 7, 2025
बरमंडल। जगत भी सपना है ओर जीवन भी सपना है। जिस प्रकार सपने अच्छे और बुरे होते है। उसी तरह जगत और जीवन मे अच्छी और बुरी बाते सुनने को मिलती है। लेकिन घबराना नही अच्छे कर्म करो और प्रभु की भक्ति करो उक्त प्रेरक उद्गार मालव माटी मे मॉ सरस्वती के वरद पुत्र पंडित कमल किशोर जी नागर ने ग्राम बरमखेडी श्रीराम मंदिर की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजीत एक दिवसीय श्रीमद् भागवत संत्सग के दौरान कहे।
 
सत्संग के दौरान हजारो की संख्या मे उपस्थित श्रद्धालुओं से वर्तमान परिस्थीयो पर ध्यान इंगित करते हुय संत श्री ने कहा की जीवन मे बाढ,वार और काल ये तीनो चीजे से बचने की प्रभु से प्रार्थना करना। तीनो चीजे के दुखो से जो पिडीत है वही इसका दर्द समझ सकता है। आपने कहा की हम लोग भाग्यशाली है की हमारा जन्म भारत जैसे देश मे हुआ है और सबसे बडे सौभाग्य की बात यह है की हम भारत के ह्रदय मध्य प्रदेश मे रहते है। आज जो परिस्थितियां बन रही है। सीमा पर रहने वाले लोगो से पुछे की वार होने पर किस तरह कठिनाई होती है। बाढ आने पर बिहार के लोगो से पुछो और काल की कठिनाई जानना हो तो तुम्हारे मालवा मे आने वाले राजस्थान के लोगो से पुछो। संत श्री नागर जी ने कहा की दुश्मन देश हमे बम की धमकी से डरा रहा है। अरे हमारी रक्षा करने वाला भगवान है। तुम्हारे पास बम है तो हमारे पास बम-बम है जो कैलाश पर्वत पर बैठकर हमारी रक्षा कर रहा है। आपने कहा की जीवन मे कही से भी गिर जाना राम तुम्हे बचा लेगे लेकिन राम की नजर मे मत गिरना यदि उसकी नजर मे गिर गये तो तुम्हे कोई बचा नही सकता। कथा के समापन पर संत श्री ने कहा की आप लोगो के बीच पहली बार इस गांव मे सत्संग करने आया समय का पता ही नही चला। कथा मे व्यक्ति अपने सुख दुख सभी चीजे भूलकर प्रभु की भक्ति मे लगा रहता है और पता ही नही चलता की तीन घंटे की कथा मे कब चार घंटे हो गये। कथा के प्रारंभ मे बाल संत गोविंद जी नागर ने भी मालवी भाषा मे एक घंटे तक सत्संग देकर श्रद्धालुओ को प्रेरक उद्गार देते हुये प्रभु भक्ति कर सद्कर्म करने की बात बताई।

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