: कलेक्टर ने राजगढ़ उपकेन्द्र को प्रतिबंधों के साथ संरक्षित स्थान घोषित किया,यह उपकेन्द्र राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़े होने के कारण एक अत्यंत महत्वपुर्ण स्थान हे
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Wed, Jul 19, 2023
धार। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रियंक मिश्रा ने म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-25 (1) के प्रावधानान्तर्गत पावरग्रिड राजगढ उपकेन्द्र की भूमि ग्राम अमोदिया की निम्न सर्वे क्रमांकों की कुल 16.906 रकबा (हेक्टेयर में) को प्रतिबंधों के साथ संरक्षित स्थान घोषित किए जाने का आदेश जारी किया है। आदेश के अन्तर्गत शर्ते तथा प्रतिबंध के तहत कोई भी व्यक्ति राज्य सरकार की या जिला मजिस्ट्रेट की या ऐसे अन्य अधिकारी की, जो राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किया जाए। अनुज्ञा के बिना किसी भी प्रतिबंधित स्थान में प्रवेश नहीं करेगा या उस पर या उसमें नहीं रहेगा या उस पर नहीं जायेगा या उसके समीप में नहीं घूमेगा। जहां (1) के अनुसरण में किसी व्यक्ति को किसी अनुज्ञा की आवश्यकता है वह अनुविभागीय दण्डाधिकारी सरदारपुर को आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा तथा अनुविभागीय दण्डाधिकारी सरदारपुर द्वारा आवेदन का निराकरण कर अनुज्ञा जारी की जा सकेगी। जहां (1) के अनुसरण में किसी व्यक्ति को किसी संरक्षित स्थान में प्रवेश करने, उस पर या उसमें रहने या उस पर जाने की अनुज्ञा दी जाती है वहां वह व्यक्ति ऐसी अनुज्ञा के अधीन कार्य करते समय, अपने आचरण को विनियमित करने के लिये ऐसे निर्देशों का अनुपालन करेगा जो उस नाद प्राधिकारी द्वारा दिये जाये जिसने अनुज्ञा दी है।
यदि कोई व्यक्ति इस धारा के किसी उपबंध के उल्लघन में किसी संरक्षित स्थान में, प्रवेश करेगा या रहेगा, तो ऐसी किन्ही भी अन्य कार्यवाहियों पर जो उसके विरुद्ध की जा सकती हो, प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उसे किसी पुलिस अधिकारी द्वारा या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किये गये किसी अन्य व्यक्ति द्वारा वहां से हटाया जा सकेगा। यदि संरक्षित स्थान में सामान्यजन के आवागमन हेतु पूर्व से यदि कोई मार्ग अथवा सुखाचार है तो पावर ग्रिड को अपनी बाउण्ड्रीवाल से लगकर शासकीय भूमि में से न्यूनतम 06 मीटर का मार्ग आवागमन हेतु उपलब्ध कराना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस धारा के उपबंधों में से किसी उपबंध का उल्लघंन करेगा तो वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकती है, या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा। संरक्षित स्थान पर तकनीकी सुरक्षा प्रबंधों की समुचित व्यवस्था की जावे। किसी भी प्रकार की लापरवाही के कारण दुर्घटना रोकने हेतु संपूर्ण उत्तरदायित्व पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड राजगढ़ का होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
ज्ञात हो कि के.पी.एस. राठौड मुख्य प्रबंधक पावरग्रिड राजगढ उपकेन्द्र द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर उल्लेख किया गया है कि पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (भारत सरकार का उद्धम) देश की एकमात्र केन्द्रीय पारेषण संस्थान (CTU) है, जिसके द्वारा पूरे देश में राष्ट्रीय ग्रिड का निर्माण एवं परिचालन का कार्य किया जाता है। पावरग्रिड द्वारा धार जिले के राजगढ़ नगर के पास, धुलेट ग्राम में एक 400/220KV उपकेन्द्र का निर्माण किया गया है। यह उपकेन्द्र तहसील- सरदारपुर के ग्राम अमोदिया, हल्का क्रमांक-50 एवं खाता क्रमांक 446 में कुल 17.692 एकड़ के क्षेत्रफल में स्थित है, जिसके आसपास बाउंड्रीवाल का निर्माण किया है। यह उपकेन्द्र राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़े होने के कारण एक अत्यंत महत्वपुर्ण स्थान है। जिसके प्रचालन में किसी प्रकार की क्षति या व्यवधान होने से राष्ट्रीय ग्रिड प्रभावित हो सकता है। इस हेतु उपकेन्द्र को सामान्यजन की आवाजाही के लिए प्रतिबंधित करना अत्यंत आवश्यक है।
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