: फास्ट्रेक कोर्ट बनाकर चलाया जाए मुकदमा, छात्राओं को 50-50 लाख का मुआवजा, दोषियों को फांसी की मांग, सीधी दुष्कर्म मामले में जयस ने महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
Admin
Wed, May 29, 2024
झाबुआ। मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र में ऐप गैंग के जरिए 7 से अधिक आदिवासी छात्राओं, युवतियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के बाद जिले में भी जयस आक्रोशित है। उन्होंने झाबुआ में महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम हरीश विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा और पीड़िताओं को 50-50 लाख रुपए और फास्ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को फांसी देने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि कॉलेज टीचर बनकर ऐप के जरिए आरोपियों द्वारा स्कॉलरशिप दस्तावेज में गड़बड़ी होने का हवाला देकर 7 आदिवासी छात्राओं के साथ सुनसान जगह बुलाकर दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया।
इस घटना ने शासन, प्रशासन, सत्ता को चुनौती देने के साथ साथ प्रदेश की बेटियों के आत्म स्वाभिमान और शिक्षा के प्रति समर्पण को कुचलकर समाज को और पूरे प्रदेश को कलंकित किया है। समूचा देश इस घटना से आक्रोशित है। ये देश के सभ्य वर्ग के लिए भी शर्मनाक घटना है।
प्रदेश में लगातार आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार हो रहे है। साथ ही इस घटना में संलिप्त वाइस मैजिक के दरिंदों तक छात्राओं के मोबाइल नंबर और छात्रवृत्ति के लिए योग्यता और उनके छात्रवृत्ति फार्म, डाटा में कमी की जानकारी कैसे पहुंची ये संदेहपद है।
जय आदिवासी युवा शक्ति जयस व आदिवासी समाजजन ने मांग की है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। 30 दिन के अंदर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। पीड़ित छात्राओं को 50-50 लाख रूपये मुआवजा व पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा दी जाए।
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