: श्री राम नवमी विशेष-- रियासतकालीन श्रीरामबोलाधाम मंदिर पर सात दिवसीय रामनवमी मेले का आयोजन हुआ आरंभ
Admin
Thu, Mar 30, 2023
मेला देखने पहुंचे ग्रामीण पहले मंदिर मे विराजे राधा कृष्ण व वट वृक्ष मे हनुमान जी के दर्शन करने के बाद मेले का आनंद लेते है
प्रात काल व सायंकाल मे नगाड़ों की थाप के साथ होती है आरती

(अशोक नायमा)।
राजोद।। यहां के रियासतकालीन श्रीरामबोलाधाम मंदिर पर रामनवमी मेले का आयोजन होगा । मेला आयोजक ग्राम पंचायत है।राजोद मुख्य मार्ग सरदारपुर भैसोला मार्ग के चंद कदमो की दुरी पर व कोटेश्वरी नदी किनारे स्थित अति प्राचीन मनमोहक श्री रामबोलाधाम मंदिर है। मंदिर के बारे मे बताया जाता है कि अति प्राचीन मंदिर की स्थापना 1848 के समय हुई थी।बताया जाता है कि यह मंदिर ग्वालियर स्टेट के जमाने का है। जिसका उल्लेख मंदिर की साइड की दीवार पर अंकित है। पर यह किस लिपि मे लिखा है समझा नहीं जा सकता । मंदिर का नाम श्री राम बोला धाम है। पर मंदिर के गर्भगृह मे अतिप्राचीन राधा कृष्ण की मूर्ति की मूर्ति विराजमान है। ग्रामीण बताते है कि इस मंदिर मे विराजे भगवान के दर्शन मात्र से मनोकामना पूरी होती है।
वट वृक्ष मे है हनुमान जी की प्रतिमा- मंदिर के महंत गणपत दास महाराज ने बताया कि मंदिर के अंदर वर्षा पुर्व मंदिर के महंत दादा गुरुदेव लाल दास महाराज ने नीम,पीपल,वट वृक्ष (त्रिवेणी संगम)के पास श्रीराम महायज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया था।उसी सिद्ध वट मेसे हनुमान जी की प्रतिमा प्रकट हुई थी। तभी से चमत्कारिक सिद्धवट के नाम से जाना जाता है। मंदिर के बाहर दो छतरिया भी है। एक मे भूतेश्वर महादेव की प्रतिमा व दुसरी राजा रानी की है। प्रातकाल के समय शंखनाद के साथ मंदिर मे रखे पुराने समय के नगाड़ों के साथ मंगला आरती होती है।
अंधेरिया बाग के नाम से जाना जाता है--- मंदिर के महंत गणेश दास महाराज ने बताया कि एक जमाने मे घनघोर अंधेरा रहता था ।सुर्य की किरणें जमीन पर नही पड पाती थी । पुरे मंदिर परिसर के स्थल व आस पास की जगह पर पुरे दिन के समय अंधेरा ही रहता था ।इस वजह से बाग का नाम अंधेरिया बाग पडा।यहा सैकड़ों की तादाद मे फलदार पेड़ हुआ करते थे।
मंगलवार को हनुमान जी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। अंदर के अंदर भगवान श्री राजराजेश्वर महादेव का मंदिर है। सावन महिने मे श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। दूर दराज से श्रद्धालु दर्शन करने आते है।पुजन अभिषेक भी होता है। पास ही माता जी का मंदिर भी है। मंदिर का जीणोदार कार्य जारी है।
मंदिर परिसर की सीमा मे बना नवग्रह शनि मंदिर -- महंत गणपत दास महाराज ने बताया कि राजोद व आस पास के क्षेत्र मे शनि मंदिर नही था श्रद्धालुओं को दूर दराज शनि जी के दर्शन जाना पडता था। राजोद व आस पास के क्षेत्रवासियों के सहयोग से 2022 मे शनि ग्रह शनि जी का भव्य मंदिर निर्माण कराया । मंदिर के समीप अति प्राचीन शिव जी का मंदिर भी है जहा पर महिलाएं पूजन अचर्न करने मंदिर पर पहुचती है। समीप मे एव बावड़ी भी है।

श्रीराम नवमी पर लगता है मेला-- चैत्र नवरात्रि पर श्रीराम बोलाधाम मंदिर पर परम्परानुसार सात दिवसीय मेले एक विशाल मेले का आयोजन होगा। मंदिर परिसर पर लगने वाले मेले मे दूरदराज के करीब दो सौ गांव के ग्रामीण मेला देखने पहुचने वाले ग्रामीण पहले रामबोधाम मंदिर मे विराजमान चमत्कारी मूर्ति के के दर्शन के पश्चात मेले का आनंद लेते है। सुरक्षा की दृष्टि से मेले मे पुलिस प्रशासन की तैनाती भी रहती है।
नगर मे पूरे वर्ष होते है धार्मिक आयोजन-- नगर के प्रमुख श्री कृष्ण मंदिर आथमनावास,श्री राम मंदिर उगमनावस,श्रीरामबोला धाम मंदिर,श्री रन्छोणराय मंदिर,चामुंडा चैक मंदिर,दुधालेश्वर महादेव,श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर,नरसिंह मंदिर,चारभुजा नाथ मंदिर, गोपालपुरा श्री राधा कृष्ण मंदिर,विश्वेश्वरी माता जी मंदिर रानीखेडी,श्री आनंद मंगल हनुमान जी मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर पंच कुंडीय यज्ञ,अभिषेक,पूजन,जाप,भजन कीर्तन ,श्रीमदभागवत कथा आदि धामिर्क आयोजन होते रहते है।
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