: इंदौर सीएमएचओ डॉ बी. एस. सैत्या को शोकॉज नोटिस: पहले हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द किया फिर पुराने दस्तावेज पर दे दी अनुमति
Admin
Tue, Nov 5, 2024
झाबुआ। इंदौर सीएमएचओ डॉक्टर बी. एस. सैत्या को एक प्राइवेट अस्पताल को गलत तरीके से अनुमति देने के मामले में कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है...
इस मामले में शिकायत लोकायुक्त तक भी पहुंची थी. इसमें जांच के बाद "अपर संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं" को अवगत कराया गया था...
इसके बाद शासन ने उन्हें नोटिस जारी किया है।
मामला राउ (इंदौर) स्थित न्यू ए.एन.एस. अस्पताल का है। इसके डायरेक्टर डॉक्टर अनिरुद्ध रिछारिया हैं...
जनवरी 2024 में शिकायतकर्ता लोकेश कुमार परिहार ने इंदौर कलेक्टर को जनसुनवाई में शिकायत की थी, कि हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन में जो दस्तावेज पेश किए गए हैं उनमें गड़बड़ियां हैं...
इस पर सी.एम.एच.ओ. ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था और हॉस्पिटल डायरेक्टर को सारे मूल दस्तावेज पेश करने को कहा गया था...
दस्तावेज पेश नहीं करने पर जांच की गई तो पता चला कि पहले हॉस्पिटल का संचालन ए.एन.एस. हॉस्पिटल के नाम से किया जाता था...
संचालन में गड़बड़ियां मिलने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया...
बाद में अस्पताल ने पॉल्यूशन बोर्ड सहित अन्य दस्तावेज पेश कर न्यू ए.एन.एस. अस्पताल नाम से अनुमति मांगी थी...
इन्हें अपलोड करने के दौरान उसमें न्यू ए.एन.एस. हॉस्पिटल कर दिया गया...
इसमें सीएमएचओ ऑफिस की भी गड़बड़ियां पाई गई...
इसके साथ ही 23 सितंबर 2024 को इसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया है...
दरअसल इसमें पाया गया है कि अस्पताल के डायरेक्टर अनिरुद्ध रिछारिया द्वारा दस्तावेजों में गड़बड़याँ की गई है ऐसे में सीएमएचओ द्वारा बिना मौके पर जाए या परीक्षण किये रजिस्ट्रेशन जारी करना पाया गया, इसके चलते उन्हें अनुशासनहीनता के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है
ज्ञात हो कि शिकायतकर्ता लोकेश कुमार परिहार थांदला जिला झाबुआ के मूल निवासी होकर विगत 27 वर्षों से इंदौर में निवासरत है एवं समय-समय पर जनहित के मुद्दों को उठाते रहते हैं...विज्ञापन
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