: अखिल भारतीय सुंदरकांड प्रतियोगिता में भिलवाड़ा राजस्थान की साकेत रामायण मंडल बनी विजेता ,संगीतमय सुंदरकांड की प्रस्तुतियों पर देर रात तक झूमे श्रोता
Admin
Sun, Dec 22, 2024
बिडवाल । बिडवाल के बस स्टैंड पर शनिवार को आस्था और धर्म का जनसैलाब उमड़ गया। अवसर था अखिल भारतीय सुंदरकांड पाठ प्रतियोगिता का ,देश के 6 प्रमुख मंडलों ने एक से बढ़कर एक भजनों ,पैरोडी , हिंदी उच्चारण के सवांद पर दोहे ओर चौपाई सगीतमय पाठ किया। हजारो की सख्या मे श्रद्धालु बस स्टैंड स्तिथ परिसर पर 8 घण्टे तक लगातार डटे रहे। रात 8 बजे शुरू कार्यक्रम सुबह 4 बजे तक समापन हुआ।
प्रतियोगिता की विधिवत शुरुवात संतो द्वारा भगवान श्री बालाजी की प्रतिभा समक्ष दीप प्रज्जलन ,पूजा कर शुरुवात की गई।
नगर में द्वितीय संगीतमयी सुंदरकांड पाठ प्रतियोगीता का आयोजन श्रीबालाजी भक्त मंडल व नगर जनता के संयोजन में उत्साह के साथ आयोजन किया गया ,
जिसमें प्रस्तुती देने के लिए मध्य प्रदेश सहित देश के चार अन्य प्रदेशो गुजरात , दिल्ली , उत्तरप्रदेश, राजस्थान की ख्यातनाम सुंदरकांड मंडलों ने बिडवाल पहुंचे जिनके द्वारा वाघयंत्रों व सुरलय ताल के साथ सुंदरकांड के दोहे,चौपाईयों की बेहतरीन व शानदार प्रस्तुतीयॉ दी गई जिससे आयोजन में पहुंचे हजारो श्रोत्रागण आत्मविभोर एवं मंत्रमुग्ध हो गये साथ ही आयोजन में संत-‘महात्माओं की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरीमा कई गुना बढ़ गई इसके अलावा आयोजन में क्षेत्र की प्रसिद्ध अमझेरा के पवनपुत्र सुंदरकांड मंडल के द्वारा भी विशेष अपनी सुमधुर शैली में विशेष प्रस्तुती दी गई ।
धार जिला पत्रकार संघ अध्य्क्ष पंडित छोटू शास्त्री, एवं श्री बालाजी भक्त मंडल बिडवाल के सभी सदस्यों की ओर से सभी सुंदरकांड मंडलों के सदस्यों को पीला गमछा पहना कर स्वागत सम्मान किया गया। एवं आदि ने सदस्यों का सम्मान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन विष्णु जी कटारिया, व आभार रामचंद्र जी जाट ने माना।
" दोहे ,चौपाई का हिंदी वर्णन कर सबसे अधिक 140 अंक अर्जित कर साकेत रामायण मंडल भिलवाड़ा राजस्थान आई प्रथम "
प्रतियोगिता मे मंडलों के लिए सबसे अधिक अंक का विभिन्न कैटगिरी तय की गई थी जिसमे साकेत रामायण मंडल भिलवाड़ा राजस्थान के सुंदरकांड मंडल ने अधिक 140 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया वही द्वितीय अम्बरीष मिश्रा मानस मंडल जोनपुर उत्तरप्रदेश रही जो 125 अंक लाकर दुसरे नंबर रही, वही दिल्ली नोएडा की कुंज बिहारी मानस मंडल तृतीय स्थान पर रही ।
जिसमें राजस्थान की विजेता टीम को प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार, उपविजेता जोनपुर की टीम को 15 हजार व तृतीय स्थान पर रहने वाली नोएडा की कुंज बिहारी मानस टीम को 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया। साथ ही सांत्वना पुरुस्कार के रूप में शेष सभी टीमों। 5100 आयोजन में दिये गये
राजस्थान की टीम ने दोहे ओर चौपाई व सगीतमय प्रस्तुत किया वही अन्य मंडलों ने पैरोडी भजन गायन पर प्रस्तुत किये जिसके चलते निर्णायकगणों अनुसार राजस्थान को प्रथम आने अवसर मिला। वही ,,, को ,,, अंक मिले जो तृतीय रही ,
कोटड़ी को ,,, अंक अर्जित किये ।
प्रत्येक टीम को 35 मिनट दिये गये प्रस्तुती का 5 मिनट का समय वाद्य यंत्र को सेट करने का दिया जाएगा पूरा आयोजन पूर्णतः पारदर्शी बनाने के लिए आयोजन स्थल में कंप्यूटरीकृत घड़ी लगाई गई ।
आयोजन में दयानंदजी महाराज ( दाडकी वाले बाबा) एवं वरदायक विश्व मंगल हनुमान धाम के गदी पती ऋषिराज वैष्णव विशेष रूप से मौजूद रहे इनके द्वारा आयोजन में दाडकी वाले बाबा ने स्वागत आशीर्वाद वचन सुनते हुए कहा कि इस समय सुंदरकांड पाठ ही करने से धर्म ध्वजा को लेकर चलने से विश्व को धर्म से जुड़े हुए हैं वहीं अखिल भारतीय सुंदरकांड प्रतियोगिता कार्यक्रम को सबंधित करते पंडित छोटु जी शास्त्री ने आयोजन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुंदरकांड इतना अद्भुत है कि इसका पाठ करने से हनुमान जी एवं श्री राम जी दोनों प्रसन्न होते हैं इसके पठन पाठन से व्यक्टित्व में बल बुद्धि व विद्या की बढोतरी होती है , सुन्दरकाण्ड उत्साह और उमंग के आयामो का वर्णन है। सुन्दरकाण्ड यह बताता है कि हमें हमारा चरित्र राम जैसा बनाना चाहिए कि जैसे उनका राज्याभिषेक हो रखा था तो वे प्रसन्न नहीं थे और तत्काल वनवास हो गया तो भी दुखी नहीं थे,..
कार्यक्रम की शुरुआत की गई निर्णायक के रूप में ओमजी दासा पंचेड़ द्वारा गणेश वंदना एवं हनुमान चालीसा पाठ कर सुंदरकांड पाठ का श्रीगणेश किया गया
वहीं आयोजन में निर्णायक के रूप में ओमजी दासा पंचेड़ रतलाम, देशराज वशिष्ठ धार, जनक रामायणं पेटलावद झाबुआ शामिल हो कर सभी टीमों की प्रस्तुतियों का आकलन कर अंक निर्णायक टीम के तीनों जजों द्वारा 50 , 50 अंक के अनुसार 150 अंक कुल दिये । प्रथम स्थान 150/140
द्वितीय 150/125 तृतीय 150/103 इन अंकों के साथ विजेता टीम के अंक रहे
बिडवाल के इस अखिल भारतीय सुंदरकांड प्रतियोगिता के आयोजन के अवसर पर नगर में स्थापित 6 हनुमान मंदिरों में पूजा अर्चना कर चोला चढ़ाया एवं आकर्षक श्रृंगार कर आरती उतारी गई एवं नगर में पोथी यात्रा निकाली गई। समिति द्वारा आयोजित आयोजन में शामिल सभी भक्तों के लिए ठिठुरन भरी सर्द रात में चाय पोहा पानी की व्यवस्था पुरे परिसर में कार्यकर्ता द्वारा की गई थी।
शनिवार की ठिठुरन भरी सर्दी में शुरू हुई सुंदरकांड प्रतियोगिता रविवार की भोर तक हुआ समापन सर्द रात में भी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रोता
ये मंडलिया हुईं शामिल।
प्रतियोगिता में गुजरात के नीमखेड़ा का कविराज सुंदरकांड मंडल, मध्यप्रदेश के खट्टाली की श्रीहरि सत्संग समिति, दिल्ली के नोएडा का श्रीकुंज भजन मंडल,राजस्थान के भीलवाड़ा से साकेत रामायण मंडल और कोटड़ी से श्री पनघट बालाजी मंडल, अंब्रिश मिश्रा मानस मंडल जोनपुर उत्तरप्रदेश की टीमों ने हिस्सा लिया यह जानकारी श्री बालाजी भक्त मंडल मिडिया प्रभारी राहुल बैरागी ने दीविज्ञापन
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