: उद्यानिकी हब बनने की और तेजी से अग्रसर हो रहा राजोद,डेढ दशक मे बदली तस्वीर,वीएनआर,रेड डायमंड अमरूद के बाद अब केसर और बनाना मैंगो की भी होगी पैदावर आधा दर्जन किसानो ने लगाये 15 हजार पौधे
Admin
Sat, Dec 28, 2024
सरदारपुर। सरदारपुर तहसील का राजोद क्षैत्र पिछले डेढ दशक मे हरित क्रांति के क्षैत्र मे जिस तरह विकास किया उस तरह का विकास तहसील के किसी क्षैत्र मे नही हुआ होगा। माही परियोजना के उपबांध कालीकराई से सिंचाई सुविधा मिलने के बाद इस क्षैत्र की तस्वीर ही बदल गई है। अब तो किसानो ने अपने खेतो पर स्वंय के निजी तालाब भी बना लिये ताकी गर्मी के दिनो मे भी फसलो को पानी देने के लिये परेशान नही होना पडे। किसान बाहुल्य इस क्षैत्र ने उद्यानिकी फसलो का उत्पादन कर खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये कोई कसर किसानो ने नही छोडी है।
राजोद क्षैत्र मे अमरूद की कई किस्मो का उत्पादन हो रहा है तो कई नर्सरीया खुलकर अमरूद सहित विभीन्न प्रजातीयो के पौधे तैयार कर उन्हे बहार भी भेजा जा रहा है। गोभी,टमाटर,बैगन,मिर्च,गराडु जैसी अनेक किस्मो की सब्जीयो की पैदावर भी किसान कर रहे है।
राजोद का वीएनआर अमरूद और रेड डायमंड अमरूद की तो दिल्ली,गुवाहाटी,सिलीगुडी,मुजफरपुर,पटना,पुर्णिया जैसे शहर तक अच्छी खासी डिमांड है। वही राजोद क्षै़त्र के किसान अमरूद के बाद आम के बाग लगा रहे है। 4 से 5 किसानो ने 8 से 10 बगीचे छोटे स्तर पर लगाये है। जिसमे केसर और बनाना मेंगो के पौधे लगाये है 10 से 15 हजार पौधे लगाये है जिनसे आने वाले दो से तीन साल मे उत्पादन मिलने लग जायेगा।
यही नही राजोद से प्रतिदिन अमरूद सहित विभीन्न प्रजातीयो की करीब 100 टन सब्जीया दुसरे शहरो मे भेजी जा रही हे। जबकी डाउन सीजन मे भी 50 टन सब्जीया यहा से दुसरे शहरो मे भेजी जाती है। शाम को राजोद मे मंडी मे नजारा बेहद शानदार रहता है। सब्जीया लेकर किसान मंडी तक आते हे और फिर यहा से बडे वाहनो मे लोड कर उन्हे बहार भेजा जाता है।

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