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: छठी शताब्दी मे बना अति प्राचीन चमत्कारी वनवासी हनुमान जी गोमुख धाम पर 6 अप्रैल को मनेगा प्राकट्य उत्सव

Admin

Mon, Apr 3, 2023


500 फीट गहरी खाई मे बने गोमुख से पानी की अविरल धारा बहती है
मंदिर पहुंच मार्ग उबड खाबड,2020 मे मनरेगा से पर्यटक स्थल मे बदलने के दिए थे आदेश,लेकिन नहीं ली अब तक सुध

सुनिल माहेश्वरी
रिंगनोद। नगर से 5 किमी की दूरी पर अति प्राचीन चमत्कारी वनवासी हनुमान जी गोमुख धाम पर 6 अप्रैल को हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा इस अवसर पर मंदिर व परिसर की आकर्षक साज-सज्जा वनवासी गोमुख धाम समिति द्वारा की गई हैं। उत्सव के तहत त्रिदिवसीय महोत्सव का आयोजन रखा गया हैं। आयोजन ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम भारद्वाज माताजी मंदिर राजगढ़ के सानिध्य में संपन्न होगा। प्रथम दिवस 4 अप्रेल मंगलवार को रामचरित्र मानस अखंड पाठ प्रारंभ, द्वितीय दिवस 5 अप्रेल बुधवार श्रीराम मारुति यज्ञ रात 9 बजे से प्रारंभ, रात्रि 8 संगीतमय सुंदरकांड का पाठ व निर्गुण भजन संध्या का आयोजन, तृतीय दिवस 6 अप्रेल गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव महाआरती सुबह 7 बजे, मारुति यज्ञ पूर्णाहुति व आरती प्रात 9 बजे, पश्चात कन्या भोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन10 बजे से प्रारंभ होगा। साथ ही निःशुल्क सिद्धि रक्षा सूत्र का वितरण किया जायेगा। इस महोत्सव को सफल बनाने में वनवासी क्षेत्र उंडेढ़, करमदिया, मवड़ी,रिंगनोद व क्षेत्र के अन्य ग्राम के सैकड़ों कार्यकर्ता व्यवस्था में जुटेंगे।

ज्ञात है कि यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना ईसा पूर्व छठी शताब्दी में बना होकर सड़क तल से 500 फीट गहरी खाई में स्थित है। मंदिर के पास विंध्याचल के तलहटी पहाड़ी में बने गोमुख से पानी की अविरल धारा बहती है। साथ ही मंदिर के आसपास कई प्राचीन अवशेष बिखरे हुए पड़े हैं जो मंदिर की प्राचीनता को दर्शाते हैं। यह स्थान कई ऋषि मुनियों का साधना स्थली रहा है। वन में विराजमान वनवासी हनुमानजी की प्रतिमा चमत्कारी होकर सभी की मनोकामना को पूर्ण करते हैं। यहां विशेष रूप से राजनीतिक क्षेत्र में सफलता व पुत्र प्राप्ति के लिए भक्तों द्वारा मन्नत ली जाती है। इस धाम पर जाने वाला रास्ते की हालत खराब हैं। उबड़ खाबड़ होकर कच्चा हैं, सन, 2020 में तात्कालिक जिला पंचायत सीईओ ने इस स्थान का अवलोकन कर ग्राम पंचायत की मनरेगा योजना के तहत पर्यटन स्थल बनाने के आदेश दिये थे, किंतु आज 2 वर्ष से अधिक समय हो गया हैं,कोई कार्य नही हुआ है।                

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