: खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये सरकार के भरोसे नही है अब किसान, बोला मे साहसी किसान ने एक बिघा मे पॉलीहाउस बनाकर उगा दी टमाटर की फसल,सोयाबीन और गेहुॅ की फसलो का बेहतर उत्पादन नही होने से अब उद्यानिकी फसलो की और रूख कर रहे किसान
Admin
Fri, Dec 20, 2024
सरदारपुर । खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये सरकार के भरोसे नही रहकर कुछ साहसी किसान मेहनत कर खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये नित नये प्रयोग कर रहे है। सोयाबीन एंव गंेहुॅ की फसलो का पिछले कुछ सालो मे अपेक्षा के अनुरूप उत्पादन नही होने एंव मौसम की अनिश्चतता के बाद किसानो ने उद्यानिकी फसलो की और रूख किया है।
तहसील मुख्यालय से करीब 7 किमी दुर ग्राम बोला मे किसान जीवन ऊटवाल ने पिछले कुछ सालो से गेहॅु एंव सोयाबीन की फसल का अपेक्षा के अनुरूप उत्पादन नही मिलने के बाद टमाटर,मिर्च जैसी उद्यानिकी फसलो की पैदावर करने की और कदम बढाया है। किसान ने सरकार के भरोसे नही रहकर खुद अपनी मेहनत एंव साहस के साथ फसलो को मौसम की मार से बचाने के लिये अपने निजी खर्च पर ही छोटा सा पॉलीहाउस भी तैयार कर लिया।
किसान ने जीवन ऊटवाल ने एक बिघा मे टमाटर और करीब आधा बिघा मे मिर्च की फसल लगाई हे। किसान ने बताया की पॉलीहाउस मे फसल का उत्पाद तो अच्छा होता ही वही ठंड की मार से पौधो की सुरक्षा भी होती है साथ ही बिमारीया भी नही लगती है।
किसान ने बताया की टमाटर की एक बिघा की फसल मे पॉलीहाउस निर्माण के लिये करीब 35 हजार का खर्चा आया है। वही मलचीग पद्धित से लगाई फसल ओर और अन्य खर्च मिलाकर एक बिघा पर करीब 50 हजार का खर्चा हो चुका है।
किसान जीवन ऊटवाल ने बताया की सरकार की योजनाओ की जानकारी नही मिलती है । उद्यानिकी फसलो के लिये कौन सी योजना आती है और किसान को इसका लाभ किस प्रकार मिलता है यह पता नही चलता । इसलिये हमने रूपये उधार लेकर छोटा सा पॉलीहाउस का निर्माण कर लिया। किसान ने बताया की यह जोखीम भरा कार्य है लेकीन खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये इस प्रकार का जोखीम तो उठाना ही पडता है।
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