सेवानिवृति : ससुर के सेवानिवृत्त होने पर नपाध्यक्ष मीनाक्षी ग्रेवाल बोली- मुझे कभी बहू नही समझा बेटी जैसा रखते है
Bakhtavar Express
Wed, Oct 1, 2025
सरदारपुर। मुझे कभी बहू नही समझा बेटी जैसा रखते है ऐसे संस्कार प्रत्येक माता पिता में होना चाहिए। यह बात बुधवार को नपं अध्यक्ष मीनाक्षी ग्रेवाल ने अपने ससुर और सांदीपनि स्कूल के प्रधान पाठक राजेंद्र ग्रेवाल के सेवानिवृत्ति बिदाई समारोह में कही गई। नपं अध्यक्ष ग्रेवाल ने बताया कि परिवार में भूलवंश कुछ गल्ति भी हो जाती है तो फटकार की जगह प्यार से समझाते हैं, इतना कहकर भावुक हो गई। कार्यक्रम के शुरुआत पूर्व मंचासिन संस्था प्राचार्य झब्बरसिंह पटेल, सेवानिवृत शिक्षक शैतानसिंह चौहान, सीता शर्मा, ग्रेवाल परिवार से पत्नि, शिक्षिका गायत्री, बेटे अर्पित, दिपिका प्रतीक ग्रेवाल आदि जनो द्वारा मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। तत्पश्चात संस्था प्राचार्य ने बताया कि व्यक्ति व्यक्तित्त्व में सेवानिवृत्त हो रहे राजेंद्र ग्रेवाल है, जिन्होंने अपने कर्मठता, लगन और संस्था में बगैर निर्विवाद के साथ शालिनता से अपनी सेवाकाल पूरी की गई, इसके अलावा वे शिक्षा जगत में रहने के साथ साथ धार्मिक, आध्यात्मिक से भी जुड़े हुए हैं, सेवानिवृत होने से संस्था परिवार में इनकी कमी खलेगी। परिवार के साथ स्वस्थ प्रसन्न मस्त रहकर अपना जीवन व्यतीत करे। योगाचार्य संजय दिक्षित ने बताया कि ग्रेवाल का स्काउट लीडर गाइड में रहकर अहम भूमिका रही,इनके मार्गदर्शन में स्काउट छात्रों का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुए। गयाउद्दीन कुरैशी, क्रीडा कोच शैलेंद्र पाल, द्वारा उदबोधन देकर विचार रखे गए। संस्था प्राचार्य पटेल और चौहान द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षक ग्रेवाल का साफा बांधकर शाल श्रीफल भेटकर सम्मान किया ।इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक चौहान ने समझोता गमों से करलो, जीवन में गम भी मिलते है, सुंदर गीत प्रस्तुति देकर बिदाई समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में नगर के देश प्रेमी मित्र मंडल द्वारा ग्रेवाल का पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। अंत में ग्रेवाल द्वारा अपने उदबोधन में 45 मिनिट का समय लेते हुए 40 साल की सेवाकाल जीवन सफर से खट्टे मीठे अनुभव से अवगत कराते हुए विशेष तौर पर बताया कि माता पिता और गुरु को कभी मत छोड़ना, इन्ही के आशिर्वाद से जो भी हूं आप सभी के समकक्ष हूँ। सेवानिवृत्त होना यह तो एक प्रशासनिक प्रकिया है, आप सभी का जो स्नेह प्रेम है आगे भी बनाए रखेंगे। मेरी जरूरत पडने पर अवश्य सेवा के लिए समर्पित रहूँगा। कार्यक्रम का संचालन संस्था की डॉ शिरीन कुरैशी ने किया।
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