: मनुष्य की पहचान जाति धर्म रंग से नही बल्कि उसके कर्म से होती है- संत श्री नागर जी, कलशयात्रा के साथ प्रारंभ हुआ महायज्ञ
Admin
Fri, Jun 6, 2025
राजोद ।शुक्रवार को श्री गौपाल गोशाला राजोद साजोद पर तीन दिवसीय एक कुंडीय यज्ञ प्रारंभ हुआ। शुरुआत कलशयात्रा के साथ हुई कलशयात्रा रानीखेडी स्थित जय माँ विश्वैशरी माता जी मंदिर से हुई जो मुख्य मार्ग से होते गोपाल गौशाला पर पहुची बैंड बाजे के साथ निकली यात्रा में दो युवक धर्म ध्वजा लिए हुए साथ थे। कलश यात्रा मे महिलाएं बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण किए हुए थे।यात्रा का जगह जगह स्वागत शीतल पेय, फल,केले वितरित किए गए।यज्ञशाला पर आचार्य पं.डाँ. राजेंद्र किशोर उपाध्याय ने सानिध्य दिया।गौशाला पर नव निर्मीत गौतीर्थ धाम मंदिर पर देव आव्हान ,यज्ञ प्रारंभ हुआ। 12 बजे मालवा माटी के संत पं. कमल किशोर नागर ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि।सच्चे मन से कथा सुनने से मोक्ष संभव हो सकेगा।मनुष्य की पहचान जाति धर्म रंग से नही बल्कि उसके कर्म से होती है।किसी का भरोसा कभी मत तोडना ।अगर कुछ मागना है तो संतोष रुपी धन मागंना चाहिए । गौमाता की सेवा सदैव करनी चाहिए।
कथा के दौरान पं.नागर ने कई प्रसंग सुनाए।उमडा जन सैलाब तीन दिवसीय हो रहे आयोजन में कथा सुनने आए लोगों को समीति द्वारा लगाया गया पांडल भी छोटा पड गया।कथा सुनने आए लोगों का उत्साह कम नही पडा।विज्ञापन
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