11 करोड का सिविल अस्पताल भवन बना शो पीस : लोकार्पण के लिये नेताओं के पास समय नहीं या फिर जवाबदार कमी दूर करने की बात कहकर काट रहे कन्नी
Bakhtavar Express
Tue, Jul 29, 2025
जर्जर भवन मे हो रही प्रसूती शायद किसी बड़े हादसे के बाद टूटे जवाबदारो की नींद

सरदारपुर। जब तक कोई हादसा नही हो हमारी व्यवस्था तब तक सबक नहीं लेती है। जर्जर भवन हो,खराब सडके हो, या फिर नदी पर पुल नही होने के अभाव मे उफनती नदी तैर कर पार करने जैसी समस्या हो। हमारी यहा पर ऐसी समस्या का समाधान तब तक नही होता जब तक कोई बड़ा हादसा नही हो जाये। राजस्थान के झालावाड़ जिले मे जर्जर स्कूल भवन की छत गिरने के बाद हादसे मे कई मासूम बच्चे मर गये । इस हादसे को गुजरे अभी एक सप्ताह का भी वक्त नही हुआ होगा लेकिन फिर भी हम सबक नही ले पा रहे है।
तहसील मुख्यालय सरदारपुर पर 11 करोड की लागत से सिविल अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है लेकिन पिछले एक माह से यह भवन लोकार्पण के अभाव मे मात्र शो पीस बनकर खडा हुआ है। कही भवन मे टेस्टिंग का बहाना बनाया जाता है तो कभी कुछ कमिया निकालकर उसे दुरुस्त करने की बात कही जाती है। या तो नेताओ के पास भवन का लोकार्पण करने का समय नही है या फिर जवाबदारों को किसी बडे हादसे का इंतजार है। वैसे यदि कोई हादसा भी होता है तो दोषारोपण छोटे अधिकारी एंव कर्मचारीयो को बनाया जाकर मामले मे लीपापोती कर दी जाती है।

सिविल अस्पताल के पुराने भवन का प्रसुती वार्ड का बारिश मे तो भगवान ही मालिक नजर आ रहा है। यहा पर भर्ती होने वाली गर्भवती महिला हो या फिर जन्म लेने वाला नवजात दोनो हादसों के बीच जैसे तैसे समय निकाल रहे है। प्रसुति वार्ड के पिछले हिस्से से सटकर एक भवन बना हुआ था जिसे नये भवन बनने के कारण जमीदोज कर दिया गया जिससे प्रसूती वार्ड का पिछले हिस्सा छतिग्रस्त होकर दीवार का एक हिस्सा टुट चुका है। यही नहीं भवन की छत जर्जर है जिस पर बरसाती डालकर बारिश मे टपकने वाली छत से बचाव किया जा रहा है ।
वैसे हर कार्य मे श्रेय लेने वाले भाजपा एंव कांग्रेस नेताओं को चाहिए की वे आगे बढकर इस भवन का लोकार्पण करवाकर जल्द से जल्द इसे प्रारंभ करवाये ताकी बारिश मे होेने वाले हादसे से बचा जा सके।
खैर अब देखना है की आला अधिकारी कब इस भवन के लोकार्पण को हरी झंडी देतै है और कब समय निकालकर जनप्रतिनिधि इसका लोकार्पण करते है।
इस संबंध में सीएचएमओ डॉ शिंदे से मोबाइल पर चर्चा करना चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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