ब्रेकिंग

नगर केमिस्ट एसोसिएशन का हुआ गठन, जाट अध्यक्ष,मारू बने सचिव

सरदारपुर में जनगणना अन्तर्गत मकान सूचीकरण का कार्य हुआ प्रारंभ, प्रगणकों के द्वारा तैयार किया जा रहा है मैप

तहसील विधिक सेवा समिति द्वारा श्रम दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का किया आयोजन

पिकअप हादसे मे मृत ग्रामीणो के परिजनो को विधायक ग्रेवाल देंगे 25-25 हजार की सहायता

भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

सूचना

: वेस्ट  से बेस्ट का नवाचार कर औरों के लिये प्रेरणा का स्रोत बने सेवानिवृत अधिकारी एसआर विश्वकर्मा, वेस्ट मटेरियल से बर्ड हाउस तैयार कर पक्षी प्रेमीयो को निःशुल्क भेट कर रहे 

Admin

Fri, Apr 18, 2025
सरदारपुर। गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाने लग चुकी है। तेज गर्मी एवं धूप से जहां मानव हलकान नजर आ रहा है। तो बेजुबान जानवर भी इस तेज गर्मी की तपिश से परेशान है। पशु-पक्षीयो के लिये गर्मी मे हर कोई अपनी ओर से पानी एंव छांव की व्यवस्था कर रहा है। इसी कडी मे इंदौर निवासी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री सालिगराम विश्वकर्मा भी पक्षी प्रेमियों को वेस्ट मटेरियरल से बर्ड हाउस तैयार कर उन्हे अपनी और से निःशुल्क भेट कर रहे है। इस गर्मी मे वै अभी तक 70 से अधिक बर्ड हाउस तैयार कर इन्हे पक्षी प्रेमीयो को भेट कर चुके है जिन्हे इन लोगो ने अपने गार्डन मे लगाया है।     श्री विश्वकर्मा सुतार समाज से आते है। कारीगरी का हुनर उन्हे विरासत मे मिला है। लेकिन हाथों से ऐसी कलाकारी करते हे की कोई पहचान नही सकता की ये चीजे ऐसी व्यर्थ वस्तुओं से बनाई गई होगी जिसे हम कुडे करकट के ढेर मे फेंक देते है। श्री विश्वकर्मा ने चर्चा के दौरान बताया की शासकीय सेवा से सेवानिवृत होने के बाद समय व्यतीत करना बड़ा कठिन कार्य होता  है। मै अपने आप को स्वस्थ एवं प्रसन्नचित रखने के लिये इस तरह के नवाचार मे लगा रहता हुॅ ताकी समय अच्छे से गुजर जाये और परमार्थ भी हो जाये। श्री विश्वकर्मा ने बताया की सोसायटी मे कई लोगो को पता है की मै इस तरह वेस्ट मटेरियल से कई उपयोगी चीजें बनाता हुॅ जो उपयोगी होती हें कई दोस्त तो ऐसे है की उनके यहा या किसी परिचित के यहा पर फर्नीचर का कार्य हो रहा हो तो बचा हुआ वेस्ट मटेरियल ले आते हें ।   आज श्री विश्वकर्मा की आयु 71 वर्ष के करीब है लेकिन उन्होने अपनी वृद्धावस्था को कभी अपने जीवन पर हावी नही होने दिया। गंभीर बीमारियों से भी दो चार हुये लेकीन हर बार दो गुने हौसले के साथ नये  जीवन की शुरुआत की और दुसरो के लिये प्रेरणा का स्त्रोत भी बने। चलती का नाम जिंदगी इसे ही कहते है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें