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पीएम सडक विभाग के सिस्टम की लापरवाही का शिकार बना 7 साल का मासुम ? : पुलिया पार करते समय बाइक समेत बहे पिता-पुत्र,पिता सुरक्षित,पुत्र की तलाश जारी

Bakhtavar Express

Sun, Sep 21, 2025

सरदारपुर। व्यवस्था की कमी कहे या फिर सिस्टम की लापरवाही जो भी हो लेकिन इसका खामियजना बेकसूरों को अपनी जान देकर चुकाना पडता है। ग्रामीण अंचलो मे बनी हुए पीएम सडको पर प्रतिवर्ष बारिश के बाद रखरखाव एंव पेचवर्क सिर्फ कागजों पर ही होता है जबकी विभागीय अधिकारियों के संरक्षण मे ठेकेदार मरम्मत के नाम पर पैसा निकाल लेते है।

देदला रोड से फुलकीपाडा तक की सडक का विभाग के द्वारा पिछले वर्ष ही कोट रिनीवल किया गया था। लेकिन पुलिया के गड्डो की किसी प्रकार की मरम्मत नही की गई जिसका खामियजना शनिवार की रात्रि मे पिता-पुत्र को चुकाना पडा।

देदला रोड से फुलकीपाडा पीएम सडक पर ग्राम पंचायत कोठडाकला के मजरे कुन्डालपाडा के गोकुल मुनिया अपने पुत्र आनंद के साथ मजदूरी कर बाइक से घर पर आ रहा था तभी नदी पर बनी पुलिया पर पानी के बहाव मे गड्डे मे बाइक के अंसुलित होकर नदी मे गिर गया । घटना रात्रि करीब 10 बजे की थी इस बीच पिता जैसे तैसे तैर कर नदी के किनारे आ गया वही उसका 7 वर्षीय पुत्र आनंद नदी मे बह गया। पिता ने ग्रामीणो एंव परिजनो का सुचना दी रात्रि मे ही नदी के किनारे खोजबीन आरंभ की गई लेकिन कोए पता नही चला। सुबह दसाई चौकी प्रभारी जगदीश निनामा दल बल के साथ मौके पर पहुॅचे और ग्रामीणो की मदद से खोजबीन प्रारंभ की कुछ देर बाद धार से एसडीएफआर की टीम भी मौके पर पहुॅची तथा नांव की मदद से नदी मे तलाश आरंभ की लेकिन 15 घंटे बाद भी नदी मे बहे बालक का कोई पता नही चला। कोठडाकला सरपंच प्रतिनिधि भारत सिंह कटारा ओर देदला सरपंच प्रताप सिंह जामनिया भी ग्रामीणों के साथ बचाव कार्य में लगे रहे।

पुलिया के किनारे पर न संकेतक और ना ही पुलिया के गड्डे भरेः-

हर वर्ष मरम्मत पीएम सडको पर मरम्मत के नाम पर महज खाना पुर्ति की जाती हैै। एक वर्ष मे ही सडक का डामर धोकर सडक गड्डो मे तब्दील हो जाती है। इस सडक पर ही ऐसा ही कुछ नजारा है। पुलिया के जिस किनारे से पिता-पुत्र बाइक सहित गुजरे उस और कोई चेतावनी बोर्ड भी नही लगा हुआ है। वैसे ऐसे दुर्घटना संभावित क्षैत्रो मे अधिकांश सडको पर पुलिया पर पुर का पानी होने पर पुलिया पार नही करने के चेतावनी बोर्ड लगे रहते है लेकिन यहा पर ऐसा कुछ नही है। इस सडक पर बस कुछ स्थानो पर घुमावार मोड के संकेतक बोर्ड लगे हुए है। वैसे अब देखना है की इस हादसे के बाद विभाग ठेकेदार से संकेत बोर्ड लगवाता है और जर्जर सड़क की मरम्मत गुणवत्तापूर्वक करवाता है फिर वही हर बार की तरह.......।

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