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: एसबीआई शाखा प्रबंधक सैलाना की तानाशाही,बुजुर्गों को परेशान करने में लगे शाखा प्रबंधक

Admin

Fri, Dec 6, 2024
रतलाम । स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सैलाना के शाखा प्रबंधक अपनी शाखा में भरपूर तानाशाही करते नज़र आ रहे है एक तरफ देश के प्रधानमंत्री बुजुर्गों को सहायता दे रहे है वही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सैलाना के शाखा प्रबंधक सी एल दास बुजुर्गो के ऊपर रुतबा झाड़ रहे है बीमारी,वृद्धावस्था एवम् अन्य अनेकों कारणों से पूर्व से ही अपने जीवन से परेशान पेंशनर्स लोगों को और परेशान करने का बीड़ा स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया की सैलाना शाखा ने उठा लिया हैं। इन दिनों जीवित होने के प्रमाणपत्र के साथ वो दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं, जिनके बिना भी काम हो सकता हैं। इस बैंक के शाखा प्रबंधक बुजुर्गों को परेशान करने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। सैलाना में स्टेट बैंक की शाखा ट्रेजरी शाखा होने के कारण सबसे बड़ी शाखा हैं।ये सबसे पुरानी बैंक भी हैं।अब तक तो यहां सब कुछ ठीक चलता रहा,परंतु कुछ माह पूर्व अन्यत्र से स्थांतरित हो कर आए शाखा प्रबंधक के नित नए नियमों के कारण इन दिनों पेंशनर्स त्रास दायक स्थिति भोग रहे हैं। कई परिवार पेंशन लेने वाले 40 साल से भी अधिक समय से पेंशन ले रहे हैं। अब वे 40 साल पुराना कागज कहां से ला कर दे। इधर एसबीआई के शाखा प्रबंधक सुनने को तैयार ही नहीं। पेंशनर्स संघ अध्यक्ष जगदीश चंद्र पटेल ने बताया कि प्रति वर्ष इन दिनों हर पेंशनर्स को जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होता हैं। जिसमें पीपीओ नंबर भी दिए जाते हैं।इनसे पूर्व के सभी शाखा प्रबंधक ये प्रमाणपत्र मान्य करते आए हैं। पटेल बताते हैं कि वर्तमान शाखा प्रबंधक सभी पेंशनर्स से पीपीओ की प्रति भी मांग रहे हैं। उधर न केवल एसबीआई के इनके पूर्व के शाखा प्रबंधक बल्कि दूसरी बैंकों का प्रबंधक भी पीपीओ की प्रति नहीं मांग रहे हैं। जब इसके बिना भी काम चल सकता है तो फिर बुजुर्गों को परेशान करने का क्या तुक? पटेल बताते है कि ओरिजनल पीपीओ तो वैसे भी बैंक पेंशन शुरू होते समय ही ले लेती हैं।तो फिर केवल पीपीओ की डुप्लीकेट कॉपी के लिए परेशान करने का कोई ओचित्य नहीं। कई पेंशन धारक अब इस चिंता में है कि यदि दिसंबर माह में उनके जीवित होने के प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किए गए तो उन्हे अगले माह पेंशन कैसे मिलेगी। *पीपीओ नम्बर देते हैं। जीवित होने के प्रमाणपत्र में पीपीओ नंबर का भी कॉलम रहता हैं।जिसमे पेंशनर्स पीपीओ नंबर देते हैं।साथ ही पासबुक में भी पीपीओ नंबर होते हैं। *नियम है-* जीवित होने के प्रमाणपत्र के साथ पीपीओ लेने का नियम हैं। किसी के पास नहीं हैं तो संबंधित विभाग से डुप्लीकेट बनवा ले।बाद में जमा करा दे।पहले वाले मैनेजरों या दूसरी बैंकों ने पीपीओ क्यों नहीं लिए ,ये मुझे पता नहीं। *सी एल दास, शाखा प्रबंधक एसबीआई सैलाना*

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