: वन विभाग की गश्ती केे बावजुद रात्रि मे हो रहा अवैध लकडियों से लदे वाहनो का परिवहन ? ,प्रतिमाह गश्ती दल द्वारा किया जाता हैै ईंधन पर हजारो का खर्चा और कार्यवाही होती हैै नाम मात्र की
Admin
Fri, Nov 15, 2024
सरदारपुर। प्रकृति संतुलन को बनाये रखने के लिये सरकार एक और जहा पौधारोपण कर धरा को हरा भरा करने के लिये कोई कसर नही छोड रही है। हर साल अभियान चला कर लाखो पौधे रोपे जा रहे है तो वही दुसरी और वन विभाग की अनदेखी कहे या फिर लापरवाही के चलते जंगलो से आये दिन पेडो की अवैध कटाई भी जारी है।
वैसे तो वन विभाग के गश्ती दल की प्रतिदिन गश्ती के बावजुद आये दिन अवैध लकडी से भरे वाहन फोरलेन से इंदौर मंडी जाते हुये आसानी से देखे जा सकते है । वन विभाग के गश्ती दल का आकलन लगाये जाये तो साल भर मे अवैध लडकी से भरे वाहनो को पकडने की कार्यवाही उगलीयो पर गिनी जा सकती है। उसमे से तो कुछ अवैध वाहनो को पकडने का काम ग्रामीणो के द्वारा किया जाता होगा।
सुत्रो की माने तो वन विभाग का गश्ती दल प्रतिदिन रात्रि मे अवैध लकडी परिवहन को पकडने के लिये गश्ती करता रहता है लेकिन कार्यवाही होती है शुन्य। एक अनुमान के तौर पर गश्ती दल के द्वारा एक माह मे गश्ती वाहन मे डीजन खर्च के तौर पर हजारो रू की राशी फुंक दी जाती है वही 4 से अधिक सदस्य प्रतिदिन गश्त करते रहते है। जबकी इंदौर मंडी मे आये दिन क्षैत्र से लकडीयो से भरे वाहन देखे जा सकते है और इनके कागजो की जांच की जाये तो निल बटे सन्नाटा।
गश्ती दल प्रतिदिन रात्रि मे 50 किमी से अधिक के क्षैत्र मे गश्त करता है। सब डिवीजन के गश्ती दल के दायरा कुक्षी से लेकर धार तक एंव मनावर तक एंव झाबुआ एंव उज्जैन सीमा तक रहता है। अगर गश्ती दल द्वारा वाहन पकड़ने एंव जप्ती की बात करे तो वह उगलीयो पर गिनी जा सकती है। इसे वन विभाग की लापरवाही कहे या फिर और कुछ यह एक मामला नही है ऐसे अनेक मामले है जिनका आने वाले समय पर खुलासा किया जायेगा।
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