: सभ्य समाज वही जो समय के साथ चले,सामाजिक कुप्रथा समाज का अभिशाप है-,चिकलाना,शोक निवारण कार्यक्रम मे समाज सुधार को लेकर हुआ विचार मंथन
Admin
Sat, Jun 22, 2024
बरमंडल। सभ्य समाज वही जो समय के साथ चले,आदर्श परिवार भी वही जो समय के साथ सोच बदले। सामाजिक कुप्रथा समाज का अभिशाप है। उक्त उद्गार समीपस्थ ग्राम बरखेडा मे लाखनसिंह जीतेन्द्र सिंह राठोर परिवार के यहां शोक निवारण कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नारायणसिंह चिकलाना ने उपस्थित समाज जनो को संबोधित करते हुए कहे। श्री चिकलाना ने कहा की आज समाज के विभिन्न समारोहों मे अनावश्यक खर्च की आडम्बर व दिखावे की होड लग रही है ये परिवार को गर्त में ले जा रही है दहेज टिका मांस मदिरा समाज के लिए जिंदा जहर है ये बंद होना चाहिए। दहेज वह जो मांगा जाता है दान वह जो दिया जाता है बेटी ही दहेज है इसे स्वीकारे।
आपने उपस्थित समाज जनों से कहा की समाज में परिवर्तन आता नही लाना पडता है सकारात्मक सोच से ही समाज में बदलाव आता है । इस अवसर पर नारायण सिंह देवीसिंह भगवान सिंह हरेसिंह शंकर सिंह कमलसिंह बाबुलाल चोधरी खेमचंद पटेल फूलचंद चौधरी हितेश मारू सहित बडी संख्या मे समाज जन उपस्थित थें ।
विज्ञापन
विज्ञापन