: जीवन मे उतना ही भार चढाना जितना तुम मृत्यु के पुर्व उतार सको - नागर जी, नागर परिवार की चोथी पिढी के रूप मे 12 वर्षीय बाल संत पं. गोविंद नागर ने भी आरंभ किया भागवत कथा वाचन
Admin
Thu, Feb 29, 2024

आरिफ शेख
सरदारपुर। जीवन क्या चीज है,जीवन रोने से शुरू होता है और रोने पर ही खत्म होता है। जो मिला है उससे अच्छे काम करो इस जीवन को समझ लो आपका उद्धार हो जायेगा। उक्त प्रेरक उद्गार मालव माटी मे माॅ सरस्वती के वरद पुत्र पंडित कमल किशोर जी नागर ने आदिवासी अंचल देदला मे श्रीमद भागवत कथा के दुसरे दिन कहे।
कथा के दुसरे दिन हजारो की संख्या मे श्रद्धालुओं का सैलाब उमड पडा। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुये पंडित नागर जी ने कहा की शास्त्र की भाषा मे जो बात कठिन से कठिन लगती है उसे हम व्यास पीठ से सरल रूप मे आपके गले तक उतारने का प्रयास करते है।
वर्तमान समय मे दिखावे एंव फिजुलखर्ची पर बोलते हुये आपने कहा की जीवन मे उतना ही भार चढाना जितना तुम मृत्यु के पुर्व उतार सको। आज व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खर्च करने लग चुका है। शादी मे बैंड,डीजे,ढोल ताशे तरह तरह के पकवान बनालेगा लोग आयेगे खायेगे और चले जायेगे लेकिन इस पर होने वाला खर्च उतारने वाला ही उतारेगा। इसलिये अपने ऊपर उतना ही भार चढाना जितना उतार सको।
आपने कहा की आदमी को गांजे का नशा,शराब का नशा कुछ समय बाद उतर जाता है लेकिन जिसको धन का नशा चढ जाता है वह कभी भी नही उतरता है वह केवल उसके सत्यानाश होने पर ही उतरता है।
आपने कहा की आज फैशन हो गया कोई डेढ लाख का बाईक लाता है तो हम सोचते हे की हम दो लाख की लायेगे। लेकिन यह नही सोचता की कम से कम वाली कौन सी है जो मै लुॅ।
वही कथा के दुसरे दिन एक सुखद प्रसंग भी आया। जब गुरुदेव के परिवार की चोथी पिढी के तौर पर उनके पोते बाल संत गोविंद जी नागर ने मंच से भागवत कथा का आरंभ किया। 12 साल के गोविंद जी नागर ने पहले ही दिन एक घंटे तक धारा प्रवाह प्रेरक उद्बोधन के साथ श्रद्धालुओ को भागवत कथा का रसपान कराया। कथा आरंभ के पुर्व उन्होने हनुमान जी की प्रतिमा का पुजन अर्चन कर कथा आरंभ की।
नागर परिवार मे सबसे पहले पंडित रामस्वरूप जी नागर ने भागवत कथा का वाचन आरंभ किया था। उसके बाद पंडित कमल किशोर जी नागर उसके बाद पंडित प्रभु जी नागर ने भागवत कथा का वाचन आरंभ किया औ अब चोथी पिढी के तौर पर 12 वर्षीय बाल संत गोविंद जी नागर ने भागवत कथा आरंभ की। आने वाले पाॅच दिनो तक बाल संत गोविंद जी नागर शुरूआती कुछ घंटो मे भागवत कथा का रसपान करायेगे ।उसके बाद संत पंडित कमल किशोर जी नागर भागवत कथा का वाचन करेगे। कथा के दुसरे दिन भोजन प्रसादी का लाभ ग्राम मौलाना के भक्तो के द्वारा लिया गया वही तीसरे दिन की भोजन प्रसादी का लाभ राजोद-रानीखेडी के भक्तो के द्वारा लिया जायेगा।
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