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: काबिल अफसर जिसने साढे 6 साल के कार्यकाल मे देखे 5 तबादले ,हर बार किया चुनौतीयो का सामना,जहा पर भी रहे सामुदायिक पुलिसिंग के जरीये जनता एंव पुलिस के रिश्तो को बनाया बेहतर,सरदारपुर मे एसडीओपी आशुतोष पटेल का  डेढ साल कार्यकाल रहा शानदार ,अब इंदौर मे सहायक आयुक्त अपराध की संभालेगे कमान

Admin

Wed, Nov 27, 2024
आरिफ शेख सरदारपुर । शासकीय सेवा मे तबादला प्रक्रिया का एक हिस्सा है। अफसर चाहे अच्छा हो या बुरा सभी को इस प्रक्रिया से गुजरना पडता है। कुछ ऐसे अफसर भी होते है जो अच्छी सेवा के बाद भी एक स्थान पर कम समय तक ही टिके रहते है लेकिन ऐसे अफसर आम जन के दिलो पर राज करते है उन्हे अपने स्थानातरण पर जरा भी मलाल नही होता। ऐसे ही बिरले व्यक्ति है एसडीओपी आशुतोष पटेल । पुलिस सेवा मे इस युवा अफसर की नौकरी को महज साढे 6 साल का कार्यकाल हुआ है लेकिन इतनी कम सेवा मे ही इस युवा अफसर ने 5 तबादले देख लिये। अपने घर से करीब 700 किमी दुर नौकरी कर रहे एसडीओपी आशुतोष पटेल को कभी भी अपनेे स्थानातंरण पर मलाल नही हुआ। मप्र के किसी भी हिस्से मे नौकरी करने के लिय तैयार रहने वाले इस युवा अफसर की सोच आम जनता के प्रति काफी अच्छी है। जनता तो ठीक अपने पुलिसकर्मीयो के साथ भी बेहतर समन्वय,संवाद एंव संपर्क के साथ सामुदायिक पुलिसीग का सरदारपुर अनुभाग मे अपने कार्यकाल मे अनुठा उदाहरण पेश किया है।
करीब डेढ साल पहले 12 मई 2023 को एसडीओपी आशुतोष पटेल ने सरदारपुर एसडीओपी का कार्यभार संभाला था तभी अधिकांश लोगो को ऐसा ही लगा था ही यह युवा अफसर शायद कुछ ही महीनो मे चला जायेगा। उस समय शहरी क्षैत्र से आये एसडीओपी आशुतोष पटेल को ग्रामीण क्षैत्र का कम ही अनुभव था लेकिन मजबुत इरादे एंव दृढ इच्छाशक्ति के बल पर इस युवा अफसर पर अपने डेढ साल का सरदारपुर अनुभाग मे कार्यकाल के दौरान पुलिस की कार्यशैली आम जनता के बीच एक दोस्ताना बना दी। आज जनता के बीच पुलिस शब्द हमेशा भय का वातावरण लाता है। लेकीन एसडीओपी आशुतोष पटेल के कार्यकाल मे पुलिस एंव जनता का बीच एक अच्छा व्यवहार देखने को मिला जो सिर्फ इस युवा अफसर के सामुदायिक पुलिसीग के नये प्रयोग से संभव हुआ। यही नही एसडीओपी आशुतोष पटेल के कार्यकाल मे 100 से अधिक नाबालिक बालिकाओ की दस्तयाबी हुई जो  सरदारपुर अनुभाग मे सबसे अधिक है । लुट एंव चोरी की वारदातो के खुलासे भी एक के बाद एक किये गये तो राहगीरो को लुटने वाली रापी गैंग एंव चैन स्नेकचरो को भी पकडकर पुलिस ने अपराधीयो के हौस्ले पस्त कर दिये। शिकायतो के निराकरण मे भी एसडीओपी आशुतोष पटेल ने उल्लेखनीय कार्य किये। हाईवे की पेट्रोलिंग एंव मोबाइल गश्त मे सुधार किये जिससे अपराधो मे कमी आई यही नही एसडीओपी स्वंय प्रतिदिन रात्रि मे गश्त करने निकलते थे। कही कही बार तो गश्त करते रात के एक से दो कब बज जाती पता ही नही चलता था। विधानसभा एंव लोकसभा चुनाव को शांतिपुर्ण तरीके से निपटाना और हर त्यौहारो को शांतिपुर्ण तरीक से संपन्न करवाकर एसडीओपी आशुतोष पटेल ने बता दिया ही शासकीय नौकरी मे अनुभव मायने नही रखता बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता ही अफसर को सफल बनाती है। वैसे अचानक एसडीओपी आशुतोष पटेल के स्थानातरण को लेकर हर कोई हैरान था लेकिन खुश इसलिये भी थे की यह युवा अफसर इंदौर जैसे महानगर मे सहायक आयुक्त अपराध के पद पर अपनी सेवा देगा  जो दर्शा रहा है की इस युवा अफसर ने इतने कम समय पर इतनी बडी उपल्ब्धि अर्जीत की।

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