शराबखोरी का अड्डा बना माही टापू : माही टापू पर रिटायरमेंट से पहले साहब ने बिना औचित्य के बना दिया भवन के अंदर प्राइवेट रूम !
Bakhtavar Express
Mon, Jun 23, 2025

सरदारपुर। करीब 5 साल पहले माही नदी के बैक वाटर क्षेत्र मे बने टापू को मनरेगा योजना के तहत संवार कर उसे पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने की कारगर पहल तत्कालीन कलेक्टर आलोक कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ संतोष वर्मा ने की थी।
दोनो अफसर जब तक जिले मे पदस्थ रहे तब तक माही टापू पर विकास कार्य होते रहे। लेकिन वर्तमान समय मे यह टापू ग्राम पंचायत के लिए तो सफेद हाथी साबित तो रहा है। जिससे पंचायत को आय तो हो नही रही बल्कि आए दिने छोटे-बड़े खर्चे करने पड़ रहे है।
हालंकि अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे साहब ने जरूर इस टापू को संवारने के लिए पहल की थी लेकिन साहब की पहल तो कारगर साबित नहीं हुई बल्कि टापू उजाड़ बाग मे तब्दील हो रहा है। टापू पर हरियाली तो है लेकिन पर्यटकों के बैठने के लिये लगाई गई कुर्सिया टूट रही है। वही टापू के हर कोने पर शराब की खाली बोतले यहां की वर्तमान स्थिति को खुद-ब-खुद बयां कर देती है। कुल मिलाकर माही टापू पर्यटक स्थल कम बल्कि शराबखोरी का अड्डा बन चुका है।

माही टापु पर एक भवन भी बनाया गया था। सूत्र बताते है की उक्त भवन में अंदर एक कमरे का निर्माण और करवा दिया गया। जिसमें आराम करने के लिए सुविधाओं से लैस किया गया। अब इस भवन के अंदर कमरे का निर्माण का क्या औचित्य यह तो पता नहीं। लेकिन सूत्र बताते है की इसका निर्माण रिटायरमेंट लेने वाले साहब के मौखिक आदेश पर हुआ था। वैसे जल्द ही टापू की कुछ और अंदरूनी जानकारी सूत्र खोजने में जुटे हैं।

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