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: बेटे की मौत के बाद बहु को बेटी जैसा रखा, योग्य वर तलाश कर कराया पुनर्विवाह, ससुर ने किया कन्यादान

Admin

Mon, Mar 20, 2023

ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक रूढ़ियों का होने लगा त्याग आने लगी चेतना

कैलाश चंद्र मारू

दसाई:- सामाजिक रूढियो मे जकडे ग्रामीण क्षेत्रों मे भी अब नई चेतना आने लगी है इसी कडी में ग्राम खुंटपला मे ऐसा ही एक मामला देखने को मिला है। स्थानीय निवासी हीरालाल मुलेवा के छोटे बेटे सुनिल की मृत्यु दो साल पहले 30 वर्ष की आयु मे हो गई थी, ऐसे में बहू की पहाड जैसी जिन्दगी को घ्यान में रखते हुवे ससूर हीरालाल मूलेवा ने बहू से चर्चा कर दूसरा विवाह करने का एक कठिर निर्णय लिया। बहू सीमा की सहमति के बाद रविवार को चिंतामन गणेष मंदिर परिसर उज्जैन मे ंदूसरा विवाह संपन्न हुआ। इस विवाह में ससूर हीरालाल मूलेवा व सास घणीबाई ने माता पिता एवं जेठ बाबूलाल एवं जेठानी ममता ने भाई-भाभी बनकर कन्यादान किया। सीमा के भाई षुभम, माता पिता कैलाष मारू एवं श्रीमती गीता मारू ने सजल नैत्रों से अपने समधि का आभार व्यक्त करते हूवे कहा कि ऐसे रिष्तेदार पाकर हम धन्य हूवंे।

इस अवसर पर टांडाखेडा के समाजसेवी कांतिलाल टांक ने अपने संबोधन मे कहा कि समय मे साथ सामांजिक रूढियों में बदलाव आवष्यक है। ऐसे अनुकरणीय निर्णय के लिये हीरालाल मुलेवा एवं परिवार को धन्यवाद दिया, वहीं मारू कुमावत समाज तीन परगना के पूर्व अध्यक्ष रमेष पटेल ने सेंकडो समाजजनो को संबोधित करते हूवे कहा कि इनके इस साहसिक कार्य से समाज में एक नई पंरपरा कायम करने के लिये इन्हे याद किया जावेगा। मारु समाज में इस प्रकार की प्रथम पहल होना और एक ससूर द्वारा अपनी बहू का कन्यादान करने की खबर फैलते ही आमजन द्वारा मूलेवा परिवार की प्रषंसा की जा रही है।

सीमा मारुः-मेरी पति के निधन के बाद मुझे परिवार वालो ने बेटी के समान रखा वही ससूर जो पिता के बाराबर हक अदा कर मेरा कन्यादान आज किया निष्चित ही यह मेरे लिये गौरव की बात हैं मे जीवनभर इस पिता का कर्ज नहीं उतार पाऊंगी।

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