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: पति की हत्या की दोषी पत्नी तथा अन्य सह अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा

  सरदारपुर । सरदारपुर की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या के एक मामले में दो आरोपीगण रेखा बाई पति स्वर्गीय सुखराम (48) नि. चापल्दा घाटी (कुंडाल),थाना पेटलावद, जिला -झाबुआ एवं मनोज उर्फ मनोहर (30) पिता- गुलाब मेंढ़ा ,निवासी- माही कॉलोनी, पेटलावद ,जिला -झाबुआ को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण का निर्णय शनिवार को सुनाया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी वीरेंद्र शर्मा अपर लोक अभियोजक ने की । पुलिस थाना - राजोद द्वारा प्रस्तुत अभियोग पत्र के अनुसार घटना दिनांक 14 / 03 /2022 की है । घटना वाले दिन सुबह ग्राम लाबरिया स्थित माही डैम का चौकीदार प्रवीण जब अपनी ड्यूटी करने पहुंचा था तो उसे बकरी चराने वाले कुछ लोगों ने बताया कि डैम की दीवार के पास एक लाश पड़ी हुई है । उसने तत्काल डैम के अधिकारी और पुलिस को सूचना दी । पुलिस के आने पर मृतक की पहचान सुखराम पिता नाथु के रूप में की गई । मृतक बस कंडक्टर का काम करता था । तथा मृतक सुखराम कोटा से आरोपीगण रेखा बाई तथा उसकी लड़की माया को अपने घर ले आया था । रेखा बाई मृतक सुखराम की पत्नी बनकर रह रही थी । जिससे परेशान होकर उसकी पहली पत्नी मुन्नी बाई अपने मायके चली गई थी । पुलिस ने मृतक सुखराम की लाश का पोस्टमार्टम करवाया । तथा विवेचना के दौरान रेखा बाई तथा उसकी लड़की माया बाई एवं एक अन्य अभियुक्त मनोज उर्फ मनोहर द्वारा अपराध करना पाया गया । पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया । विचारण के दौरान माया बाई को फरार घोषित किया गया । अभियोजन की ओर से 14 साक्षीगणों को परीक्षित कराया गया । जबकि अभियुक्त पक्ष की ओर से बचाव में एक साक्षी को परीक्षित कराया गया। न्यायालय में आई साक्ष्य से यह तथ्य प्रकट हुआ की मृतक सुखराम आरोपी रेखा बाई पर चरित्र शंका करता था। जिसके कारण उन दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था । जिससे निजात पाने के लिए आरोपी रेखा बाई उसकी पुत्री एवं सह अभियुक्त मनोज उर्फ मनोहर ने गेंती फावड़ें की सहायता से मृतक सुखराम की हत्या कर दी और उसकी लाश को माही डैम किनारे फेंक दिया । न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को विश्वसनीय माना गया । तथा आरोपी गण को आजीवन कारावास एवं पॉच -पॉच हजार रु के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा ना किए जाने की दशा में पृथक से करवास भुगताए जाने का आदेश भी प्रदान किया गया ।

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