: डाॅ भास्कर पाटीदार ने रशिया से प्राप्त की एमबीबीएस की डिग्री
Wed, Feb 15, 2023
सरदारपुर। समाजसेवी एवं राष्ट्रीय पाटीदार समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ भगवान भाई पाटीदार के पौत्र एवं पत्रकार अनिल पाटीदार के पुत्र डाॅ भास्कर पाटीदार ने एमबीबीएस की परीक्षा उत्र्तीण की। डाॅ भास्कर पाटीदार सरदारपुर नगर के पहले व्यक्ति है जिन्होने विदेश से एमबीबीएस किया। रशिया से 6 वर्ष का एमबीबीएस कोर्स पुर्ण कर डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली मे एमसीआई द्वारा आयोजित परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। अब एक वर्ष का इंटर्नशिप कोर्स करने के बाद वै शासकीय सेवा कर सकेगे। डाॅ.भास्कर पाटीदार की उपलब्धि पर मित्रों शुभचिंतकों ने बधाई दी।
: अमझेरा पहुंची विकास यात्रा, हितग्राहियों का किया सम्मान
Wed, Feb 15, 2023
मेसको डेम का नाम महाराव बख्तावर सिंह और बोला बैराज का नाम स्वर्गीय राजा प्रेमसिंह दत्तीगांव के नाम पर करने को लेकर कैबिनेट मे भेजा प्रस्ताव
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अमझेरा। तहसील मे निकाली जा रही विकास यात्रा पास के ग्राम राजपुरा से सुबह प्रारम्भ हुई । जो महाराव बख्तावर सिंह मार्ग से अमझेरा मे प्रवेश किया। महल परिसर मे कार्यक्रम आयोजित किया गया। सबसे पहले अतिथियों द्वारा राव बख्तावर सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर शुरुआत की। पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुनील गामड, रवि पाठक, भगवानदास खंडेलवाल, शुभम दीक्षित ने सम्बोधित कर सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे मे अवगत करवाया। साथ हि महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ विभाग, ग्राम पंचायत एवं आजीविका मिशन आदि विभागों के हितग्राहियों को सम्मानित किया। ग्राम पंचायत के सफाई कर्मी मनीष सिरेसवाल एवं विद्युत मंडल के लाइनमैन राजेश मोहनीय, जितेन्द्र कामलीया का भी उत्कृष्ट कार्यक्रम के लिए सम्मान किया। जल संसाधन विभाग के एसडीओ अशोक गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया की अमझेरा के मेसको डेम का नाम राव बख्तावर सिंह के नाम से करने एवं बोला बैराज का नाम स्वर्गीय राजा प्रेम सिंह दत्तीगांव के नाम से करने का प्रस्ताव कैबिनेट बैठक मे स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। जल्दी हि नामकरण की सौगात मिलेगी। मंच पर सरपंच मनुबाई मकवाना, जनपद सदस्य प्रतिनिधि शुभम दीक्षित, शिवा मकवाना, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रघुवंशी, नायब तहसीलदार अंतर सिंह कनेश, विजय दीक्षित, पप्पू कुशवाह आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम मे पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एलएल राठौर,आरईएस एसडीओ ललित वैद्य पीएचई एसडीओ नवलसिह भुरिया,महिला बाल विकास के कमल सिंह सरपंच मनुबाई सिवा मकवाना सचिव भारत सिंह सोलंकी सहित प्रमुख विभागीय अधिकारी उपस्थित थे । संचालन पी टी आई अश्विनी दीक्षित द्वारा किया गया।
: सरकार की विकास यात्रा.........अधिकारियों की पदयात्रा.........
Tue, Feb 14, 2023
https://youtu.be/AWnx6ymO_e0
विकास यात्रा मे प्रतिदिन 5 किमी पैदल भ्रमण कर रहे अधिकारी,10 दिनो मे मापी 50 किमी की पैदल दूरी
विकास यात्रा मे अधिकारीयो का जनता से हो रहा सिधा जुडाव
सरदारपुर। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार एवं जनता की समस्याओं से प्रशासनिक अधिकारियों के रूबरू होने के लिये निकाली जा रही विकास यात्रा एक सप्ताह का समय पूर्ण कर दूसरे सप्ताह मे प्रवेश कर गई है। विकास यात्रा को लेकर सत्ता पक्ष खुश है तो विपक्ष विकास यात्रा को लेकर सवाल उठा रहा है। खैर जो भी हो लेकिन विकास यात्रा का एक सुखद पहलू यह देखने में मिला की तहसील मुख्यालय पर रहने वाले कई विभाग प्रमुखों का इस यात्रा मे आम जनता से सीधा जुड़ाव नजर आया। वैसे योजनाओं के प्रचार प्रसार को लेकर निकाली जा रही विकास यात्रा मे अधिकारी वर्ग पदयात्रा कर जनता से जुड़ रहाहै। सबसे पहले जल संरक्षण के संदेश को लेकर हर गांव मे जल कलश यात्रा निकाली जाती है। जिसमे प्रमुख विभागीय अधिकारीयो के द्वारा गांव कापैदल भ्रमण किया जाता है। 5 फरवरी से आरंभ हुई विकास यात्रा मंगलवार को 10 दिन पुर्ण कर चुकी है। एक दिन मे करीब 5 गांव का भ्रमण विकास यात्रा करती है। जिसमें हर गांव मे निकलने वाली जल कलश यात्रा की दूरी 1 किमी या उससे अधिक ही होती है।इस प्रकार 10 दिनों मे करीब 50 किमी की दूरी प्रमुख विभागीय अधिकारी पैदल भ्रमण कर चुके है। और पूरी विकास यात्रा के समापन पर यह दूरी 100 किमी के करीब होगी।वैसे कुछ अधिकारी अनुभवी होकर काफी समय से यह पर पदस्थ है। तो कुछ अधिकारी ऐसे भी है जिन्हें अभी सरदारपुर मे अपनी पदस्थापना का समय चार माह या एक वर्ष हुआ होगा। ऐसे मे इन अधिकारियों के लिये विकास यात्रा अनुभव के लिहाज से काफी अहम है। कई अधिकारी तो ऐसे भी है जो पहली बार पुरी सरदारपुर तहसील का भ्रमण कर रहे होंगे वैसे यह कार्य केवल नेता ही अपने चुनाव प्रचार के दौरान करते है। विकास यात्रा के दौरान तहसील मुख्यालय पर अधिकांश कार्यालयो मे सन्नाटा पसरा हुआ है। कारण विभाग प्रमुखों के विकास यात्रा मे होने से कामकाज नाम मात्र के हो रहे है। वैसे जो अधिकारी अभी तक आफिसो मे ही बैठते थे और यदा कदा ही तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचल मे मैदानी भ्रमण करते थे। ऐसे अधिकारियों को अब विकास यात्रा के दौरान 20 दिनों तक मैदानी भ्रमण करना पड रहा है।