: महिला परिषद का गठन,सारिका बाफना अध्यक्ष,अपेक्षा लोढा बनी सचिव
Tue, Feb 28, 2023
बरमंडल। परिषद एक धार्मिक संगठन है। संगठन में रहना और संगठित होकर कार्य करना हमारा मुख्य उद्देश्य है । उक्त विचार बरमंडल मे महिला परिषद के गठन पर राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती प्रेमाबेन मूथा ने व्यक्त किये। राष्ट्रीय महामंत्री संगीता पोरवाल भी उनके साथ दसई से बरमंडल आई थी। जहा पर पर महिला परिषद का गठन किया । राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती संगीता पोरवाल ,राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विनिता बाठिया के साथ आपने शाखा परिषद को मार्गदर्शन दिया । शाखा परिषद ने भी सभी अतिथि का आत्मीय स्वागत और बहुमान किया गया उसके बाद महिला परिषद का गठन किया गया जिसमे परामर्शदाता पुखराज बेन डोसी, संरक्षक लीलाबाई बाफना,अध्यक्ष सारिका बाफना ,उपाध्यक्ष ,रेणुका साबदा सचिव अपेक्षा लोढा ,संगठन मंत्री ,इंदूबाला बाफना ,कोषाध्यक्ष कीर्ति बाफना प्रचार मंत्री मिनल डोसी ,वेयावच्च मंत्री प्रियंका डोसी शिक्षा मंत्री अर्चना डोसी को बनाया गया है। सभी पदाधिकारीयो को समाजजनो ने बधाई दी।
: तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य से हमारे वनवासी भाईयों को रोजगार मिलता है- मीणा
Tue, Feb 28, 2023
तेन्दूपत्ता शाखकर्तन कार्यशाला व क्रेता विक्रेता सम्मेलन का हुआ आयोजन
धार । वाटनीकल गार्डन, देलमी धार में जिला पंचायत सीईओ केएल मीणा की उपस्थिति में तेन्दूपत्ता शाखकर्तन कार्यशाला आयोजित की गई । वन मंडल अधिकारी जी.डी.वरवड़े ने बताया कि
इस कार्यशाला में क्रेता-विक्रेता सम्मलेन भी साथ आयोजित हुआ। पेसा एक्ट नियम 2022 के तहत जिन ग्रामसभाओं द्वारा तेन्दूपत्ता क्रय करने हेतु प्रस्ताव पारित किये है,उनके द्वारा क्रय किया जाने वाला तेन्दूपत्ता कैसे विक्रय किया जावे, इस संबंध में जानकारी दी गई। कार्यशाला में क्रेता पक्ष की ओर से रॉयल एजेन्सी धार एवं श्रेय जैन इन्टरप्रायजेस के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में उपस्थित ग्राम सभा के सदस्यों, तेन्दूपत्ता सहकारी समितियों के प्रबंधकों, नोडल अधिकारी को शाखकर्तन का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यशाला में सीईओ श्री मीणा ने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य से हमारे वनवासी भाईयों को रोजगार मिलता है। वनों से प्राप्त होने वाली मुख्य गौण वनोपज तेन्दूपत्ता संग्रहण क्यों जरूरी है? वनों में रहने वाले वनवासी भाईयों के लिए जीविकोपर्जन का एक मुख्य साधन, जोकि वन से ही प्राप्त हो जाता है। इसके लिए शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 3000 रूपये प्रत मानके बोरा रखा गया है, जो मई के महीने मेंआजीविका को संभल प्रदाय करता है। धार जिले में कुल 23 ग्राम सभाओं द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण हेतु प्रस्ताव पारित किये गये हैा
कार्यशाला में सभी लघुवनोपज समितियों के नोडल अधिकारी, पूरे जिले के सभी रेंज आफिसर एवं प्रबंधक, क्रेता प्रतिनिधि पेसा एक्ट अंतर्गत तेन्दूपत्ता विपणन करने वाली ग्राम सभाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
: लापरवाही एंव उदासिनता पर एसडीएम ने पटवारी भाभर को किया निलबिंत
Tue, Feb 28, 2023
कलेक्टर मिश्रा की पहल जिला स्तर पर की समाधान आनलाईन की शुरूआत
सरदारपुर। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम राहुल चौहान ने तत्कालीन हल्का पटवारी ग्राम अमझेरा जामसिंह भाभर (वर्तमान में पटवारी हल्का बडवेली में पदस्थ) को अपने पदीय कर्तव्यों के पालन में अशिष्टता एवं कर्तव्यों के विपरीत कृत्य, घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य मंचों पर शिकायतों के गुणवत्ता पूर्वक समाधान के मद्देनजर जिला स्तर पर समाधान ऑनलाइन की शुरुआत की है। इसके तहत लोगों द्वारा की गई शिकायतों में से कुछ शिकायतें सैंपल बतौर चयनित की जाती हैं। इनके शिकायत कर्ता से कलेक्टर स्वयं चर्चा करतें है। इसके उपरांत विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर शिकायत का सकारात्मक समाधान का प्रयास किया जाता है। आमजन को राहत देने और सुशासन की दिशा में ये एक महत्व पूर्ण कदम है।
इसी तारतम्य में सोमवार को कलेक्टर श्री मिश्रा के संज्ञान में सुदर्शन तोमर द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत का मामला आया। एसडीएम श्री चौहान ने बताया कि अमझेरा निवासी सुदर्शन तोमर द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई गई कि ग्राम अमझेरा स्थित भूमि का बटवारा उपरांत उन्हें नक्शा गलत दिया गया है। प्राप्त शिकायत की जाँच नायब तहसीलदार वृत्त अमझेरा से करवाई गई। जाँच उपरांत पाया गया कि वरिष्ठ राजस्व न्यायालय के आदेश द्वारा नक्षा दुरुस्त किया गया है। तदुपरांत आदेश की प्रति अमल हेतु ली जाकर स्वीकृत नक्शा बटांकन पटवारी जामसिंह भाभर द्वारा मूल प्रकरण से निकाल लिया गया। किंतु बटवारा प्रकरण अनुसार ऑनलाईन अमल नहीं किया जाना पाया गया। निलंबन उपरांत जामसिंह भामर का मुख्यालय तहसील कार्यालय सरदारपुर नियत किया गया है। निलंबित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।