: युवा अधिकारियों के जिम्मे होगा सरदारपुर मे विधानसभा चुनाव,एसडीएम चौहान का एक वर्ष का कार्यकाल और एसडीओपी पटेल का पांच माह का हुआ कार्यकाल, टीम लीडर के तौर पर दोनो अधिकारीयो का अभी तक रहा सफल कार्यकाल
Admin
Mon, Oct 16, 2023

सरदारपुर। विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। वही विधानसभा चुनाव को लेकर जो सारा दारोमदार रहता है वह प्रशासन एवं पुलिस पर रहता है। शासकीय लाबी के इन दोनों विभागों के जिम्मे ही विधानसभा चुनाव की सारी रूपरेखा रहती है। निष्पक्ष,निडर और निर्भीक चुनाव इन दोनों विभाग की कार्यशैली,कार्यकुशलता पर निर्भर करता है।
सरदारपुर तहसील क्षेत्र की बात करें तो यहां पर एसडीएम,एसडीओपी से लेकर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार जैसे प्रमुख प्रशासनिक पदों पर युवा अधिकारी पदस्थ है। एसडीएम राहुल चौहान को सरदारपुर तहसील मे पदस्थ हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। एसडीओपी आशुतोष पटेल को भी सरदारपुर तहसील मे 5 माह का समय हो चुका है।
दोनो ही अधिकारी युवा है और विधानसभा चुनाव मे इन्ही के हाथ मे कमान रहेगी।
एसडीएम राहुल चौहान की बात करे तो वे अपने प्रशिक्षु अधिकारी के तौर पर 2018 का चुनाव सहायक रिटर्निंग अधिकारी के तौर पर करा चुके है। वही सरदारपुर विधानसभा मे उन्होंने पंचायत और निकाय चुनाव बतौर रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर सफलता पूर्वक कराया हैै। रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर यह उनका पहला विधानसभा चुनाव होगा। इस युवा अधिकारी की बात करे तो कठोर कार्यशैली के चलते टीम वर्क के साथ हर जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह किया है। अपने कार्यकाल के दौरान मिलने वाली चुनौतियों का सामना करना इस युवा अधिकारी को बखूबी आता है।
एक वर्ष की अपनी पदस्थापना के दौरान तहसील क्षेत्र के चप्पे चप्पे से वाकिफ एसडीएम राहुल चौहान का जनता से जीवंत संपर्क मे विश्वास रहता है। सुबह जब मॉर्निंग वॉक पर निकलते है तो तहसील मुख्यालय से 5 से 7 किमी के दायरे के भीतर प्रतिदिन साइकिल से घूम कर लोगों से मिलते जुलते रहते है। सरदारपुर के बारे मे एसडीएम राहुल चौहान बताते है की एक शांत और सुखन भरे वातावरण वाला क्षेत्र है। विधानसभा चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और निडरता के साथ कराने के लिये प्रशासनिक अमला सक्रिय है। तहसील मे छोटे कर्मचारी से लेकर बडा अधिकारी कोई भी हो सभी को अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करना है। कही पर भी कोई कठिनाई या परेशानी हो तो इसके लिये वै हर समय तैयार है।

एसडीओपी आशुतोष पटेल की बात करे तो इस युवा अधिकारी को भले ही सरदारपुर अनुभाग मे पदस्थ हुए 5 माह का समय हुआ हो लेकिन 5 माह के कार्यकाल मे चार थानो के मुखिया के तौर पर एक अमिट छाप छोड़ी है। अवैध शराब,जुआ,नाबालिगों की दस्याबी हो या फिर फरार आरोपियों की धरपकड़ से लेकर चोरी एवं लूट की घटनाओं को तत्परता के साथ खुलासा करना । एसडीओपी आशुतोष पटेल टीम वर्क मे विश्वास करते है। उनका मानना है की टीम का मुखिया यदि सक्रियता के साथ अपनी टीम को गाइड करता रहता है तो कही पर कोई समस्या नहीं आती है।
बतौर एसडीओपी के तौर पर यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है। इसके पहले वे प्रोबेशन पीरियड मे 2018 का विधानसभा चुनाव,एसडीओपी के तौर पर निवाडी मे उप चुनाव एवं पंचायत एवं निकाय चुनाव संपन्न करा चुके है। एसडीओपी आशुतोष पटेल बताते है की चुनाव को लेकर अनुभव अपनी जगह होता है लेकिन सबसे बडा कार्य किसी भी विभाग के मुखिया का यह होता है कि जो कार्य उसके जिम्मे है उसे लेकर उसकी क्या सटीग प्लानिंग है तथा उसमें तत्काल निर्णय लेने की क्षमता होना चाहिये।
खैर जो भी हो लेकिन इन दोनों युवा अधिकारियों की सक्रियता एवं टीम लीडर के तौर पर अभी तक उनका कार्यकाल सरदारपुर तहसील मे सफल रहा है। ऐसे मे विधानसभा चुनाव मे भी दोनों युवा अधिकारी टीम वर्क के साथ विधानसभा चुनाव की चुनौती को लेकर सक्रियता के साथ मैदान मे उतर चुके है।
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