: संभागायुक्त भयडिया की सार्थक पहल को सफल किया बरमंडल के स्वास्थ्य शिविर ने,उपचार के लिये आये रिकार्ड मरीज,सफल शिविर अपने पिछे छोड गया कई सवाल
Admin
Wed, Jan 31, 2024

सरदारपुर। इंदौर संभाग आयुक्त मालसिंह भयडिया एक साधारण सी शख्सियत,गरीब परिवार से आने वाले संभाग आयुक्त मालसिंह भयडिया अलीराजपुर जिले के छोटो से गांव के निवासी है। उनके गांव मे वैसे तो कुछ समय पुर्व तक पक्की सडक नही थी। लेकिन कहते ही की व्यक्ति समाज मे जिस स्थिति से गुजरता है उसके बारे मे कुछ करने की सोचता है भले वह एक बढे पद या औहदे पर पहॅुच जाये।
श्री भयडिया भी ऐसे ही व्यक्ति मे से एक है। बरमंडल मे स्वास्थ्य शिविर का आयोजन संभाग आयुक्त मालसिंह भयडिया के मार्गदर्शन मे हुआ है। वैसे उनके मार्गदर्शन मे इंदौर संभाग मे यह तीसरा शिविर था। इसके पुर्व अलीराजपुर के उमराली और बड़वानी जिले के पाटी मे शिविर का आयोजन हुआ था। जहा पर क्रमश 4500 और 5000 के करीब मरीज लाभान्वित हुये थे। वही बरमंडल मे आयोजित शिविर ने दोनो शिवीर का रिकार्ड तोड दिया और यहा पर 9579 मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ लिया।
मीडिया से जब संभाग आयुक्त मालसिंह भयडिया चर्चा कर रहे थे तो महज एक सामान्य शख्स के तौर पर वार्तालाप हुआ। अफसरो वाले घमंड से कौसे दुर श्री भयडिया ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किये तो मीडिया के साथियों से एक दोस्ताना चर्चा भी की। उन्होने बताया की ग्रामीण परिवेश के होने के कारण मन मे विचार आया की कई बार महिलाएं शर्म और झिझक के चलते उपचार के लिये बडे शहरो मे नही जा पाती है। इसलिये इस प्रकार के शिविर का आयोजन ग्रामीण अंचलो मे करने की सोच के साथ अलीराजपुर के उमराली से शिविर का आरंभ हुआ। शिविर मे सोनोग्राफी मशीन की भी सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है साथ ही इंदौर के एम वाय सहित कई प्रमुख अस्पतालो के विशेषज्ञ डाक्टरो को भी बुलाया जाता है।
श्री भयडिया ने बताया की इंदौर से दो बसो मे इन चिकीत्सको को बसे से शिविर मे लाया जाता है उसका शुल्क भी वे जनसहयोग से जुटाता है। डाक्टर भगवान का दुसरा रूप होते है इसलिये उन्हे सफर मे कोई परेशानी न हो इसलिये बस मे ही उनके लिये नाश्ता और अन्य सुविधा मुहैया करवाई जाती है।
संभाग आयुक्त श्री भयडिया ने इसी प्रकार के शिविर धार जिले के डही सहित अन्य ग्रामीण अंचलो मे लगाने की बात कही। वैसे चर्चा के दौरान आपने शिविर के उद्देश्य बताते हुये कहा की उनका प्रयास रहता है की जब तब शिविर मे अंतिम मरीज का उपचार नही हो तब तक उसका समापन नही होता । और वै समय अंतिम समय तक उपस्थित रहने का प्रयास करते है। वैसे संभाग आयुक्त की मंशा अच्छी है। लेकिन बरमंडल का शिविर सफल होकर भी कई सवाल छोड गया।
शिविर मे जो जन सैलाब उमडा था। वह मैदानी अमले से लेकर तहसील मुख्यालय के प्रमुख विभागीय अधिकारी की मेहनत और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की मानीटरिंग के चलते संभव हुआ था। गांव गांव सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया गया था की इंदौर के विशेषज्ञ डाक्टर सेवा देगे उनका पुरा लाभ ले। विशेषज्ञ डाक्टर भी आये लेकिन उनका पुरा लाभ नही मिल पाया। करीब 3.40 के लगभग का समय होगा शिविर स्थल से संभागायुक्त मालसिंह भयडिया और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के रवाना होते ही कुछ देर बाद इंदौर के विशेषज्ञ डाक्टर भी काउंटर से नदारद हो गये कई मरीज जो दुर दराज के अंचल से इस आस के साथ आये थे की विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाकर उपचार करायेगे वै काफी निराश हुये।
खैर अंतिम समय मे जरूर तहसील क्षैत्र के प्रमुख चिकीत्सको ने इन मरीजो का उपचार किया लेकिन जो मरीज जिस आस के साथ आये थे वह पुरी नही हो पाइ। खैर जो भी हो इतने बड़े शिविर मे इस प्रकार की कमी कोई मायने नही रखती,संभाग आयुक्त की सोच और नियत अच्छी थी वैसे आने वाले शिविर मे इन कमियों को दुर कर लिया जाये तो शिविर की सार्थकता पुर्ण हो जायेगी।
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