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श्रावणी उपाकर्म : राजगढ़ के माताजी मंदिर पर हुआ श्रावणी उपाकर्म का आयोजन, यज्ञोपवीत धारण करने वालो ने की विशेष पूजा-अर्चना

Bakhtavar Express

Sat, Aug 9, 2025

राजगढ़। नगर के पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर पर शनिवार को सावन मास की पूर्णिमा पर श्रावणी उपाकर्म मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक क्रियाएं मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज की निश्रा में आचार्य हेमंत भारद्वाज द्वारा संपन्न करवाई गई। इस दौरान यज्ञोपवीत धारण करने वाले बटुकों ने हेमाद्रि संकल्प, दशविध स्नान, ऋषि तर्पण, देव और पितृ तर्पण के साथ ही भगवान सूर्य से ओज व तेज की कामना की गई। साथ ही नवीन यग्योपवित (जनेऊ) भी धारण की गई। साथ ही मंदिर स्थित प्राचीन बावड़ी में डुबकी लगाकर ऋषियों की परम्परा को निभाते हुए आत्मशुद्धि की और यज्ञोपवित को अभिमंत्रित किया गया।

आचार्य हेमंत भारद्वाज ने कहा कि श्रावणी पर्व पर द्विजत्व के संकल्प का नवीनीकरण किया जाता है। उसके लिए परंपरागत ढंग से तीर्थ अवगाहन, दशस्नान, हेमाद्रि संकल्प एवं तर्पण आदि कर्म किए जाते हैं। श्रावणी के कर्मकांड में पाप-निवारण के लिए हेमाद्रि संकल्प कराया जाता है, जिसमें भविष्य में पातकों, उपपातकों और महापातकों से बचने, परद्रव्य अपहरण न करने, परनिंदा न करने, आहार-विहार का ध्यान रखने, हिंसा न करने, इंद्रियों का संयम करने एवं सदाचरण करने की प्रतिज्ञा ली जाती है।

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