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: धर्म में ही राम है राम ही धर्म है, इसलिए जो धर्म से जुड़ता है वह अपने आप राम से जुड़ जाता है- प्रभु जी नागर,खुटपला गोशाला परिसर में नवनिर्मित गौशाला शेड , नवनिर्मित द्वार और रामनाम बैंक किया लोकार्पण

Admin

Mon, Jan 15, 2024

बरमंडल । धर्म में ही राम है राम ही धर्म है, इसलिए जो धर्म से जुड़ता है वह अपने आप राम से से जुड़ जाता है! भारतीय संस्कृति में धर्म की प्रधानता रही है और धर्म में गौ माता की प्रधानता रही है, इसलिए धर्म और गौ माता से जुड़े बिना हमारा उद्धार नहीं हो सकता! भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने से पहले अपनी देह को हिंदू बना लो ,भारत अपने आप हिंदू राष्ट्र बन जाएगा।

हर सनातनी को तिलक अवश्य लगाना चाहिए। जीवन में चाहे जितनी विपत्ति आए, समय का इंतजार करना चाहिए ,अच्छा समय आता ही है, इसलिए समय को महत्व दो ,और आगामी 22 जनवरी को जब भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में हो तो ,प्रत्येक गांव में 24 घंटे के लिए विजय मंत्र "श्रीराम जय राम जय जय राम "का जाप करो। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में हो रही है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि भारत देश की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, इसलिए राम नाम की ये लहर प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी चलना चाहिए,राम नाम के बिना धर्म का आधार नहीं है कलयुग औंधे मुंह गिर चुका है और रामयुग पुनः स्थापित हो रहा है। उक्त उद्गार गौतीर्थ गोपालकृष्ण गौशाला खूंटपला में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर खुटपला गोशाला परिसर में नवनिर्मित गौशाला शेड , नवनिर्मित द्वार और रामनाम बैंक के लोकार्पण अवसर पर माटी के संत कमल किशोर जी नागर के सुपुत्र प्रभुजी नागर ने बड़ी संख्या में मौजूद गौभक्तो से व्यक्त किए।

पंडित नागर ने गौभक्तों से कहा कि आपके इष्ट कोई भी हो, लेकिन अपनी भक्ति साधना की शुरुआत राम नाम से करना करना चाहिए, राम नाम भक्ति का मुख्य द्वार है जिस प्रकार आपके घर में अनेक दरवाजे है लेकिन घर का मुख्य दरवाजा एक होता है, उससे सारे दरवाजे खुल जाते है। उसी प्रकार राम मुख्य द्वार है ,शुरुआत यही से होना चाहिए। राम और द्वार को जोड़कर रामद्वारा बनता है। हमारी भक्ति राम के द्वारा है इसलिए रामद्वारा है।

संतो का कार्य सबको जोड़ना और यथाशक्ति धर्म हितार्थ कार्य करवाना है। कई बार भक्तो को भगवन नाम में भी संशय होने लगता है कि प्रभावशाली नाम कौन सा है ,जिस प्रकार जो जिस डॉक्टर से ठीक होता है वो उसी डॉक्टर की बढ़ाई , गुणगान करता है वैसे ही जिन महापुरुषों ने जो भगवन नाम जपकर भगवान को पाया है, उन्होंने उसी नाम की महिमा गाई है। उसी को श्रेष्ठ बताया है। भगवान के सहस्त्र नाम है जिस नाम का जाप करो, वो नाम भव से पार कर देता है। हमे ईश्वर से प्रार्थना करना चाहिए कि हमारा जीवन मूंगफली , मक्का और गेहूं जैसा नही मतलब जीवन की शुरुआत में युवावस्था में या वृद्धावस्था में मिठास नहीं हो बल्कि गन्ने जैसा बनाना जिस प्रकार गन्ना नीचे से ऊपर तक रसभरा और मीठा होता है, वैसा ही हमारा जीवन बनाना।

पंडित प्रभुजी नागर ने खूंटपला गौशाला के गौतीर्थ के रूप में विकसित होने पर कहा, कि जिस प्रकार गौमाता खूंटे से बंधी होती है वैसे ही खूंटपला में भी आप हम सभी एक खूंटे से बंधे है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम जिले के सर्वश्रेष्ठ गौतीर्थ के रूप में विकसित होती यह गौशाला है। पंडित प्रभुजी नागर ने गौशाला में हाटकेश्वर धाम सेमली की ओर से नवनिर्मित गौशाला शेड के लिए ,एक लाख ग्यारह हजार रुपए ,की राशि भी गौशाला समिति को भेंट की। इसके पहले पंडित प्रभुजी नागर ने गौमाता और भगवान गोकेश्वर महादेव का पूजन अर्चन किया व श्रीमद् जगतगुरु प .पूज्य स्वामी डॉ. राजेंद्रदास महाराज श्री मूल पीठ वृंदावन की प्रेरणा व पंचकुईया पीठाधीश्वर श्री 1008 महामंडलेश्वर ,श्री रामगोपालदास जी महाराज श्री राम मंदिर पंचकुईया आश्रम इंदौर आश्रम के मार्गदर्शन में सुंदर अभिव्यक्ति मंडल इंदौर द्वारा निर्मित राम नाम बैंक का लोकार्पण किया, उसके बाद स्वर्गीय अमृतलाल सांवलेचा (रंगोली वाले) की स्मृति में उनकी पत्नी श्रीमती हंसा देवी व पुत्र सुमित सांवलेचा द्वारा नवनिर्मित गौशाला के भव्य द्वार का लोकार्पण किया,

पश्चात गौशाला समिति द्वारा जन सहयोग से नवनिर्मित टीन शेड गौशाला का लोकार्पण किया। रामनाम बैंक में अब तक 13 करोड़ से अधिक रामनाम संग्रह है, बैंक में 11 अरब रामनाम के संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। एकदिवसीय सत्संग में बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण जनों को गौभक्त मौजूद थे, कथा के पश्चात प्रभु जी नागर द्वारा दानदाता, हंसा देवी- सुमित सांवलेचा इंदौर, सुंदर अभिव्यक्ति मंडल इंदौर के सदस्यों और गौ भक्तों व दानदाता का सम्मान भी किया गया!

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