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: भगवान शिव विश्वास और माता पार्वती श्रद्धा का प्रतीक है और जीवन में श्रद्धा और विश्वास हो तभी भगवान राम का जन्म होता है - बालबिहारीदासजी महाराज

Admin

Sun, Jan 14, 2024

बरमंडल । रामकथा मर्यादित कथा है जिसका सबको श्रवण करना चाहिए। संत मार्ग बताने का कार्य करते है उस मार्ग पर चलना आपको ही है। पहले के समय बेटी वहां ब्याही जाती थी जहां सास ससुर हो क्योंकि सास ससुर भी संस्कार और सीख देते है और आजकल बेटियों का विवाह वहां करना पसंद किया जाता है जहां सासु ना हो। रामायण में भगवान राम और शिव के विवाह का वर्णन है। भगवान शिव विश्वास और माता पार्वती श्रद्धा का प्रतीक है और जीवन में श्रद्धा और विश्वास हो तभी भगवान राम का जन्म होता है। उक्त उद्गार बरमंडल के श्रीराम रामेश्वर धाम मंदिर कचहरी चौक में चल रही रामकथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से कथावाचक महामंडलेश्वर बालबिहारीदासजी महाराज (अयोध्या वाले) ने उपस्थित श्रद्धालुओं से व्यक्त किए। कथा के तीसरे दिन शिव पार्वती विवाह प्रसंग का वृतांत वर्णित किया गया। श्री राम मंदिर से भगवान भोलेनाथ की बारात ढोल ढमाको से कथा प्रांगण तक निकाली गई। बारात में माता पार्वती और भगवान शिव का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रविवार को भगवान राम का भव्य जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रोता कथा का लाभ ले रहे है।

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