: व्यक्ति परमात्मा को वही तक समझ पाता है जहां तक उसकी बुद्धि होती है लेकिन परमात्मा का चरित्र समुद्र जैसा है जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है- बालबिहारीदासजी महाराज
Admin
Mon, Jan 15, 2024
बरमंडल । जिसका पिता धर्मात्मा होता है उसका पुत्र भी धर्मात्मा ही होता है। व्यक्ति परमात्मा को वही तक समझ पाता है जहां तक उसकी बुद्धि होती है लेकिन परमात्मा का चरित्र समुद्र जैसा है जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है। करोड़पति और रोडपति में सिर्फ एक ही अक्षर क का अंतर है। भगवान कब किसे पहुंचा दे कुछ नही कह सकते इसलिए परिस्थिति कैसी भी हो भगवान का नाम स्मरण नही छोड़ना चाहिए। उक्त उद्गार रविवार को श्रीराम कथा के पांचवे दिन कथावाचक महामंडलेश्वर बालबिहारीदासजी महाराज ने राम रामेश्वर धाम कचहरी चौक में व्यक्त किए। पांचवे दिन कथास्थल पर भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरे पांडाल को सजाया गया साथ ही भगवान के जन्म के समय पूरा पांडाल भगवान राम के जयकारों से गूंज उठा। अवध में आनंद भयो जय हो रघुवरलाल की और बाजे बाजे रे बधाई मैया तोरे अंगना भजनों पर उपस्थित कथा के रसिक श्रोता मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे। कथा में प्रतिदिन एक सौ ग्यारह बार राम नाम का जाप किया जा रहा है। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रोता रसपान कर रहे है।
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