: एक दिन की बारिश से एक पखवाड़े की राहत,मनावर और कुक्षी मे तीन इंच तो पीथमपुर,गंधवानी,सरदारपुर और धार मे दो इंच हुई बारिश ,माही कालीकराई बांध सहित सरदारपुर के 60 तालाबो की नहर को किया बंद
Admin
Mon, Nov 27, 2023

सरदारपुर। पश्चिमी विक्षोभ के चलते रविवार को धार,झाबुआ और अलीराजपुर जिले मे हुई बारिश के बाद रबी की फसलों को राहत मिली है। बारिश से जहां नुकसान कम तो फायदा अधिक हुआ है। रविवार को दोपहर मे 4 बजे से आरंभ हुआ बारिश का क्रम पुरी रात रूक रूक कर जारी रहा। सोमवार सुबह करीब 8 बजे तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होती रही है। नवंबर माह मे हुई मावठे की बारिश ने जहां पिछले एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया ।
धार जिले की बात करे तो मनावर मे सबसे अधिक 82 मिमी यानी तीन इंच से अधिक बारिश हुई है। कुक्षी मे 74 मिमी लगभग तीन इंच,पिथमपुर मे 60 मिमी,गंधवानी मे 50 मिमी ,सरदारपुर मे 52 मिमी और धार मे 50 मिमी के लगभग बारिश दर्ज हुई है। वही सबसे कम निसरपुर मे 13 मिमी बारिश दर्ज हुई है। धार जिले मे 14 विकासखंड मे 645.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
बारिश से जहां मौसम मे ठंडक घुल गई वही रबी की फसलों के लिये भी बारिश अमृत बनकर बरसी है। बारिश से जहां नुकसान कम हुआ है तो फायदा अधिक हुआ है। गेहुॅ की फसल को तो करीब 10 से 15 दिनों तक पानी पिलाने की जरूरत नही पडेगी।
जल संसाधन विभाग झाबुआ के कार्यपालन यंत्री विपिन पाटीदार ने बताया की बारिश के बाद रविवार को माही परियोजना के मुख्य बांध एंव उप मुख्य बांध कालीकराई की नहरो को बंद कर दिया गया है। विभाग की टीम सतत भ्रमण कर स्थिति पर निगाह रख कर किसानों के संपर्क मे है। जहा पर भी किसानो को पानी की जरूरत होगी उनकी मांग के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जायेगा। श्री पाटीदार ने बताया की वैसे तो बारिश के बाद जमीन मे नमी और आगामी दिनों मे मौसम के रुख को देखते हुए करीब एक पखवाड़े तक पानी की जरूरत महसूस नहीं होगी।
वही जल संसाधन विभाग सरदारपुर के एसडीओ राहुल ठाकुर ने बताया की बारिश के बाद सिंचाई विभाग सरदारपुर अंतर्गत 60 तालाबो मे से सभी तालाबों की नहरों का संचालन बंद कर दिया गया है। आगामी दिनों मे किसानों की मांग के अनुरूप उन्हे सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध करवाया जायेगा।
एसडीएम राहुल चौहान ने बताया की तहसील क्षेत्र मे रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से अमझेरा क्षेत्र मे एक युवक की मृत्यु हो गई है। जिसका प्रकरण बनाने के निर्देश दिये है। जल्द ही परिवार को शासन के नियम अनुसार सहायता राशि उपलब्ध करवायी जायेगी।
हवा के साथ हुई बारिश से मटर,कपास,मक्का एवं टमाटर की फसलों को नुकसान की आशंका व्यक्त की गई है। कई स्थानो पर तो हवा आंधी के साथ बारिश से मक्का एवं कपास की फसल आड़ी हो गई तो कुछ स्थानों पर खेतों मे भारी जलजमाव भी हो गया।
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